प्रश्नकाल से शुरू होगी कार्यवाही, आमने-सामने होंगे सत्तापक्ष और विपक्ष
Raipur : छत्तीसगढ़ विधानसभा के पांच दिवसीय मानसून सत्र के दूसरे दिन आज सदन के भीतर काफी गहमागहमी देखने को मिल सकती है। आज की संसदीय कार्यवाही की शुरुआत सुबह प्रश्नकाल के साथ की जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय खुद सदन में उपस्थित रहेंगे। वहीं, उप-मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन और गजेंद्र यादव अपने-अपने विभागों से संबंधित जनहित के सवालों का जवाब देने पटल पर उतरेंगे।
नक्सल विरोधी अभियानों पर आभार और अविश्वास प्रस्ताव की गूंज
आज के दिन सदन का राजनीतिक पारा काफी गर्म रहने वाला है। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बस्तर और अन्य इलाकों में नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा की गई निर्णायक कार्रवाईयों और सफलताओं के लिए आभार प्रस्ताव पढ़ेंगे। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस सरकार को घेरने के लिए सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की अनुमति मांगेगा, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक होना तय माना जा रहा है।
ऐतिहासिक धरोहरों की सुरक्षा और जांजगीर-चांपा का मुद्दा उठेगा ध्यानाकर्षण में
सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए धमतरी और अन्य क्षेत्रों की प्राचीन पुरातात्विक संपत्तियों के संरक्षण की मांग उठाई जाएगी। इसके साथ ही जांजगीर-चांपा जिले में परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत बांटी जाने वाली प्रोत्साहन राशि में सामने आई कथित वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी जोर-शोर से उठेगा। साथ ही विधायक सुशांत शुक्ला, भावना बोहरा और रोहित साहू अपनी-अपनी याचिकाएं सदन के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
प्रदूषण नियंत्रण संकल्प और विधायी कार्य होंगे पेश
संसदीय कार्यसूची के अनुसार, वित्त मंत्री ओपी चौधरी आज विभिन्न सरकारी विभागों के जरूरी प्रतिवेदन सदन के पटल पर प्रस्तुत करेंगे। इसके अलावा वे वायु और जल प्रदूषण निवारण अधिनियम से जुड़े महत्वपूर्ण शासकीय संकल्प को सदन में रखेंगे। विधायी कार्यों की कड़ी में वे खेल मंत्री टंक राम वर्मा के साथ मिलकर नए कानूनों और शासकीय विधेयकों को पटल पर आगे बढ़ाएंगे।