सरकंडा के नूतन चौक की घटना, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां सरकंडा थाना क्षेत्र के नूतन चौक स्थित बाल संप्रेषण गृह (रिमांड होम) में बीती रात एक सुरक्षाकर्मी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस वारदात को अंजाम देने के बाद वहां बंद चार बाल अपचारी (अपराधी) मौके से फरार हो गए। मृतक प्रहरी की पहचान तखतपुर के अरईबंद निवासी नरेंद्र कुमार (40 वर्ष) के रूप में हुई है।
हाथ-पैर बांधकर मुंह में ठूंसा कपड़ा, गेट पर मिला शव
जानकारी के मुताबिक, सोमवार की सुबह जब संप्रेषण गृह में अन्य लोग पहुंचे, तो उन्होंने प्रहरी नरेंद्र कुमार का शव मुख्य गेट के पास पड़ा देखा। वारदात को बेहद शातिराना और क्रूर तरीके से अंजाम दिया गया था। मृतक के हाथ-पैर कपड़े से बंधे हुए थे और चिल्ला न सके, इसलिए उनके मुंह में भी कपड़ा ठूंसा गया था। दम घुटने और चोट के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पहुंचे कलेक्टर और एसएसपी
इस वीभत्स हत्याकांड की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। सुबह जानकारी मिलते ही बिलासपुर कलेक्टर और एसएसपी (Senior Superintendent of Police) दल-बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस की तकनीकी टीम और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने भी मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
परिजनों ने लगाया साजिश का आरोप
मृतक प्रहरी नरेंद्र कुमार के परिजनों ने इस मामले में गहरी नाराजगी जताई है और किसी बड़ी साजिश की आशंका व्यक्त की है। परिजनों का कहना है कि आसपास के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार यह वारदात रात करीब 12 बजे के आसपास हुई है, लेकिन उन्हें इसकी सूचना सुबह 8 बजे दी गई। इस देरी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फरार आरोपी कोरबा और रायगढ़ के, पुलिस की तलाश तेज
बताया जा रहा है कि फरार हुए चारों बाल अपराधी कोरबा और रायगढ़ जिले के रहने वाले हैं, जो गंभीर मामलों में यहां निरुद्ध थे। पुलिस को पूरा संदेह है कि इस हत्याकांड को इन्हीं चारों ने मिलकर अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
सुरक्षा के दावों की खुली पोल
इस वारदात ने बाल संप्रेषण गृहों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आमतौर पर इन संवेदनशील जगहों की सुरक्षा का जिम्मा महज एक या दो प्रहरियों के भरोसे छोड़ दिया जाता है। इस घटना के बाद अब रिमांड होम की सुरक्षा प्रणाली की समीक्षा और नए सिरे से कड़े इंतजाम करने की जरूरत महसूस की जा रही है। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है।