हेल्थ डेस्क। आधुनिक जीवनशैली में बालों का झड़ना एक बेहद आम समस्या बन चुका है। अमूमन लोग इसके लिए बढ़ते प्रदूषण, मानसिक तनाव, खराब खानपान या गलत शैम्पू को जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक होने वाला हेयर फॉल सिर्फ बाहरी कारणों से नहीं, बल्कि शरीर के भीतर किसी आवश्यक पोषक तत्व की कमी का अलार्म भी हो सकता है। चिकित्सा शोध बताते हैं कि अगर बाल लगातार कमजोर होकर टूट रहे हैं, तो इसके पीछे ‘जिंक’ (Zinc) की कमी एक बड़ी वजह हो सकती है।
बालों की सेहत और जिंक का सीधा कनेक्शन
अन्तर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान ‘क्लीवलैंड क्लिनिक’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिंक एक ऐसा अनिवार्य मिनरल है जो बालों की जड़ों (हेयर फॉलिकल्स) को मजबूती देने और नए बालों के विकास में मुख्य भूमिका निभाता है। जब शरीर में इस तत्व का स्तर गिरने लगता है, तो बाल अपनी प्राकृतिक मजबूती खो देते हैं और तेजी से झड़ने लगते हैं।
हालांकि, डॉक्टरों का यह भी कहना है कि हर तरह का हेयर फॉल सिर्फ जिंक की कमी से ही नहीं होता। इसके पीछे थायराइड, हार्मोन का असंतुलन, आयरन की कमी या अत्यधिक मानसिक तनाव जैसे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए, सही स्थिति जानने के लिए डॉक्टरी परामर्श और ब्लड टेस्ट बेहद जरूरी है।
इन लोगों को होता है सबसे ज्यादा खतरा
शरीर में जिंक की कमी मुख्य रूप से संतुलित आहार न लेने या पाचन तंत्र द्वारा पोषक तत्वों को ठीक से अवशोषित न कर पाने के कारण होती है। विशेषकर:
पूरी तरह शाकाहारी भोजन करने वाले लोग।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं।
बुजुर्ग और पेट व पाचन संबंधी पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीज।
पहचानें जिंक की कमी के अन्य संकेत
यदि शरीर में जिंक का स्तर कम है, तो बालों के झड़ने के अलावा कुछ अन्य शारीरिक बदलाव भी दिखाई दे सकते हैं:
त्वचा पर अचानक रैशेज या चकत्ते होना।
चोट या घाव का बहुत धीमी गति से ठीक होना।
बार-बार सर्दी-खांसी या अन्य संक्रमण की चपेट में आना।
भूख में कमी आना या चीजों का स्वाद और सुगंध ठीक से महसूस न होना।
रिकवरी के उपाय: कैसे पूरी करें इसकी कमी?
जिंक की कमी से निपटने के लिए सबसे सुरक्षित और परखा हुआ तरीका है अपनी डाइट में बदलाव करना।
आहार में करें शामिल: मांसाहारी लोग इसके लिए अंडे, मीट और सी-फूड को प्राथमिकता दे सकते हैं। वहीं, शाकाहारी लोगों के लिए दालें, चने, बीन्स, कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds), तिल, मेवे और साबुत अनाज इसके बेहतरीन प्राकृतिक स्रोत हैं। डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध और पनीर का सेवन भी फायदेमंद होता है।
सप्लीमेंट्स के लिए सावधानी: यदि जांच में जिंक की भारी कमी पाई जाती है, तो चिकित्सक सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं। डॉक्टरों की सख्त हिदायत है कि बिना डॉक्टरी परामर्श के बाजार से खरीदकर जिंक टैबलेट्स का सेवन न करें, क्योंकि शरीर में इसकी अधिक मात्रा सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकती है।