अंबिकापुर : सरगुजा संभाग में सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और दूसरे राज्यों से आकर छिपने वाले शातिर अपराधियों व असामाजिक तत्वों की धरपकड़ के लिए पुलिस ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) दीपक कुमार झा ने रेंज के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SPs) को एक विशेष और सघन सत्यापन अभियान चलाने का कड़ा निर्देश जारी किया है। इस महा-अभियान के तहत संभाग भर में रह रहे किरायेदारों, बाहरी मुसाफिरों, संदिग्धों और अन्य राज्यों के फरार वारंटियों की बारीकी से जांच की जाएगी।
झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर के खुलासे के बाद जागा प्रशासन
इस बड़े अभियान की मुख्य वजह हाल ही में अंबिकापुर में हुआ एक चौंकाने वाला खुलासा है। सरगुजा पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई कि झारखंड के धनबाद (बासेपुर) का बेहद कुख्यात गैंगस्टर साबीर आलम साल 2013 से अंबिकापुर के मोमिनपुरा इलाके में नाम और पहचान बदलकर रह रहा था। वह वहां बस कंपनी और सिलाई दुकान की आड़ में छिपा हुआ था।
साबीर आलम साल 2001 के एक चर्चित दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी है और झारखंड हाईकोर्ट द्वारा उसे भगोड़ा घोषित किया जा चुका है। पुलिस जांच में यह भी कड़वा सच सामने आया कि स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों ने जानबूझकर उसकी असली पहचान छिपाने और उसे पनाह देने में मदद की थी। इस बेहद गंभीर मामले को देखते हुए आईजी दीपक कुमार झा ने पूरे रेंज में सुरक्षा ऑडिट और सत्यापन अभियान चलाने का फैसला किया है।
बीट और वार्ड स्तर पर होगी कड़ाई, इन जगहों पर रहेगी पैनी नजर
आईजी के आदेशानुसार, अब सभी शहरी थाना क्षेत्रों को बीट और वार्ड के आधार पर छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा जाएगा। हर एक हिस्से के लिए विशेष पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय कर दी गई है। पुलिस की टीमें जमीन पर उतरकर निम्नलिखित स्थानों और वर्गों की सघन चेकिंग करेंगी:
- किराये के मकानों में रहने वाले सभी लोग।
- दूसरे राज्यों से आकर सरगुजा संभाग में बसे व्यक्ति।
- होटल, लॉज, धर्मशाला और हाईवे के ढाबों में रुकने वाले मुसाफिर।
- स्थानीय ईंट-भट्ठों, निर्माण कार्यों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले बाहरी मजदूर।
- घूम-घूमकर सामान बेचने वाले फेरीवाले और घुमंतु लोग।
- रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक जगहों पर दिखने वाले संदिग्ध।
सत्यापन की इस प्रक्रिया के दौरान हर व्यक्ति के मूल निवास, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की गहराई से जांच की जाएगी।
लापरवाह मकान मालिकों पर गिरेगी गाज
पुलिस ने इस बार मकान मालिकों के लिए भी कड़े नियम तय किए हैं। हर मकान मालिक के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे अपने किरायेदार की पूरी और सही जानकारी संबंधित थाने में जमा करें। यदि कोई मकान मालिक जानबूझकर अपने किरायेदार की जानकारी पुलिस से छिपाता है या इस सरकारी अभियान में असहयोग करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
गुंडा-बदमाशों की खैर नहीं, तैनात किए गए नोडल अधिकारी
इस विशेष अभियान का दायरा सिर्फ बाहरी लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। पुलिस इसके साथ ही संभाग के सभी निगरानीशुदा बदमाशों, गुंडा तत्वों और कोर्ट या प्रशासन द्वारा जिला बदर किए गए अपराधियों की भी री-चेकिंग करेगी कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रत्येक जिले में एक राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह नोडल अधिकारी पूरे अभियान की कमान संभालेंगे और अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट एसपी के माध्यम से आईजी कार्यालय को भेजेंगे।
जनता से सहयोग की गुहार: सूचना देने वाले का नाम रहेगा गुप्त
सरगुजा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने शहर और समाज को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस की आंख और कान बनें। अगर किसी के भी आस-पड़ोस या वार्ड में कोई संदिग्ध व्यक्ति, असामाजिक तत्व या बाहरी राज्य का संदेहास्पद नागरिक रहता हुआ दिखाई दे, तो तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वाले सजग नागरिक का नाम और पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।
“इस विशेष महा-अभियान का एकमात्र उद्देश्य अपराधियों और कानून से भाग रहे भगोड़ों को बेनकाब कर सलाखों के पीछे पहुंचाना है। हम जनता के साथ मिलकर एक ऐसा मजबूत सुरक्षा चक्र तैयार कर रहे हैं, जिसके बाद सरगुजा रेंज में कोई भी अपराधी फर्जी पहचान के सहारे या किरायेदार बनकर छिपने की जुर्रत नहीं कर सकेगा।” — दीपक कुमार झा, आईजी, सरगुजा रेंज