​पहली ही बारिश में खुली दावों की पोल: रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे से मुंगेली को जोड़ने वाला मार्ग जर्जर

बेमेतरा।
विकास के बड़े-बड़े दावों और वादों के बीच बेमेतरा जिले से लोक निर्माण विभाग और प्रशासनिक उदासीनता की एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे मार्ग से मुंगेली जिला को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। यह वही मार्ग है जो क्षेत्र के दर्जनों गांवों जैसे ग्राम चाका, पेंड्रा, रामपुर प्लांट नया बना है, संबलपुर, अमोरा, मेहना, करही, कांपा, गिधवा, कुंरा, सेमरिया, अडार और नांदघाट को आपस में जोड़ता है। ​वीआईपी क्षेत्र फिर भी उपेक्षा का शिकार
​चौंकाने वाली बात यह है कि यह मार्ग राज्य सरकार में तीन बार के मंत्री रहे दयालदास बघेल का गृह ग्राम भी है। एक कद्दावर नेता और कैबिनेट मंत्री के गृह क्षेत्र की मुख्य सड़क का यह हाल शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
​डस्ट डालने की खानापूर्ति, पहली बारिश में बही
​सड़क की जर्जर स्थिति की शिकायत मिलने पर कुछ समय पूर्व उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग ने गड्ढों को पाटने के लिए डस्ट (धूल/मुरुम) डलवाया था। लेकिन विभाग की यह ‘अस्थायी खानापूर्ति’ मानसून की पहली ही बारिश भी नहीं झेल सकी। पहली बारिश होते ही पूरी धूल बह गई और सड़क दलदल और जानलेवा गड्ढों में तब्दील हो गई है।


​सरकार बदली पर नहीं बदली जनता की तकदीर
​स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन और राजनेताओं के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है:
​”पांच साल भूपेश सरकार के कार्यकाल में भी यह सड़क नहीं बनी। उम्मीद में क्षेत्रीय विधायक के साथ पब्लिक ने सरकार ही बदल डाली। लेकिन अब नई सरकार के भी ढाई साल बीत जाने के बाद स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।”
​रोजाना हो रहे हादसे, बड़े हादसे का इंतजार?
​वर्तमान में इस जोखिम भरे मार्ग पर आए दिन दोपहिया और भारी वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। सड़क पर बने गहरे गड्ढे और कीचड़ के कारण राहगीर जान हथेली पर रखकर चलने को मजबूर हैं। क्षेत्र की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि क्या प्रशासन को किसी बड़े और घातक हादसे का इंतजार है, या फिर इस वीआईपी मार्ग की सुध जल्द ली जाएगी?
​मुख्य बिंदु (Quick Highlights):
​प्रभावित क्षेत्र: चाका, पेंड्रा, रामपुर, संबलपुर, अमोरा, मेहना, करही, कांपा, गिधवा, कुंरा, सेमरिया, अडार, नांदघाट।
​कनेक्टिविटी: रायपुर-बिलासपुर नेशनल हाईवे से मुंगेली जिला को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग।
​नेताओं का क्षेत्र: मंत्री दयालदास बघेल का गृह ग्राम; डिप्टी सीएम अरुण साव के निर्देश का भी नहीं हुआ स्थायी असर।
​जनता की मांग: सड़क का जल्द से जल्द डामरीकरण या ठोस निर्माण किया जाए ताकि रोज-रोज की दुर्घटनाओं से मुक्ति मिल सके।

जितेंद्र शुक्ला

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