फीफा के एक फैसले से वर्ल्ड कप में मचा बवाल

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में रेफरी के फैसलों को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अर्जेंटीना और मिस्र के बीच खेले गए प्री क्वार्टर फाइनल मैच में वीडियो असिस्टेंट रेफरी यानी वीएआर के फैसलों पर जमकर सवाल उठे थे। अब क्वार्टर फाइनल मैच से पहले फीफा ने एक ऐसा फैसला ले लिया है जिसने फुटबॉल जगत में नया तूफान खड़ा कर दिया है। गुरुवार को बोस्टन में फ्रांस और मोरक्को के बीच होने वाले बड़े मुकाबले के लिए फीफा ने पूरी की पूरी रेफरी टीम अर्जेंटीना देश की नियुक्त कर दी है।

पहली बार एक ही देश के अधिकारियों को मिली कमान

इस टूर्नामेंट में यह पहली बार हो रहा है जब किसी मैच के सभी रेफरी यानी मैच अधिकारी एक ही देश से होंगे। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया से लेकर फुटबॉल एक्सपर्ट्स के बीच तीखी बहस शुरू हो गई है। दरअसल फ्रांस को इस बार खिताब का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है और साल 2022 के वर्ल्ड कप फाइनल में फ्रांस और अर्जेंटीना के बीच की पुरानी दुश्मनी को हर कोई जानता है। फीफा के अनुसार 44 साल के टेलो मुख्य रेफरी होंगे। उनके साथ जुआन पाब्लो बेलाती और गेब्रियल चाडे सहायक रेफरी की भूमिका निभाएंगे। चौथे अधिकारी डारियो हेरेरा होंगे जबकि रिजर्व असिस्टेंट क्रिस्टियन नवारो भी अर्जेंटीना से ही हैं।

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पुराने विवाद के तुरंत बाद आया नया फैसला

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब सिर्फ 2 दिन पहले अर्जेंटीना की 3-2 से रोमांचक जीत के बाद मिस्र ने रेफरी पर पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए थे। उस मैच में फ्रांस के रेफरी ने कुछ ऐसे फैसले दिए थे जिससे मिस्र की टीम नाराज थी। इसी वजह से अब फ्रांस के मैच में अर्जेंटीना के रेफरी होने पर लोग संदेह जता रहे हैं। हालांकि फ्रांस के मुख्य कोच डिडिएर डेसचैम्प्स ने इस विवाद को ज्यादा तूल देने से मना कर दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें रेफरी पर पूरा भरोसा है और उनका मुकाबला मोरक्को की टीम से है न कि मैदान के अधिकारियों से। मोरक्को के कोच ने भी इस फैसले का समर्थन किया है और कहा कि उन्हें अनुभवी रेफरी मिले हैं जिससे उन्हें कोई चिंता नहीं है।

साल 2022 का हिसाब बराबर करने का बड़ा मौका

यह मुकाबला सिर्फ क्वार्टर फाइनल नहीं है बल्कि दोनों टीमों के लिए पुराना हिसाब चुकता करने का मौका भी है। साल 2022 के वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में फ्रांस ने मोरक्को को 2-0 से हराकर उसका ऐतिहासिक सपना तोड़ दिया था। अब 4 साल बाद मोरक्को के पास उस हार का बदला लेने और लगातार दूसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचने का सुनहरा मौका है। लेकिन मैच शुरू होने से पहले ही मैदान पर खिलाड़ियों से ज्यादा चर्चा रेफरी की हो रही है। अब देखना होगा कि अर्जेंटीना के ये रेफरी मैदान पर निष्पक्ष रहकर विवादों को शांत कर पाते हैं या नहीं।

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