इस देवी मंदिर का कड़ा फैसला, क्या पुजारियों के कपड़ों की तलाशी से खुलेगा चढ़ावे का सच?

हरिद्वार के प्रसिद्ध मां मनसा देवी मंदिर में अब व्यवस्था पूरी तरह से बदलने वाली है। मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावे में पारदर्शिता लाने के लिए एक कड़ा फैसला लिया है। अब मंदिर में ड्यूटी पर तैनात रहने वाले सभी पुजारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनकर ही सेवा देंगे। इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चढ़ावे की राशि का कोई भी हिस्सा गलत तरीके से कहीं और न जाए।

सात सदस्यों की निगरानी समिति गठित

मंदिर में चढ़ावे की गणना, साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए ट्रस्ट ने सात सदस्यीय एक विशेष समिति का गठन किया है। समिति के सभी सदस्यों को उनकी जिम्मेदारी के प्रति शपथ भी दिलाई गई है। ट्रस्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि भविष्य में व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और उसके खिलाफ पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।

बदनाम करने वालों पर उठे सवाल

नई व्यवस्था की घोषणा सोमवार को मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत डॉ. रवींद्र पुरी महाराज ने की। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं के भरोसे को और मजबूत करना है। महाराज ने कहा कि आजकल बड़े मंदिरों और मठों को जानबूझकर सोशल मीडिया के जरिए बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में मंदिर प्रशासन किसी भी तरह के विवाद या शक की गुंजाइश को खत्म कर देना चाहता है। अब सख्त निगरानी के बीच मंदिर का कामकाज संचालित किया जाएगा।

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