267 महिलाओं से 1.11 करोड़ की हेराफेरी, 24 घंटे में दो आरोपी गिरफ्तार

रमेश गुप्ता : सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक से जुड़े ऋण प्रकरण में बड़ा खुलासा, शाखा प्रबंधन पर ग्राहकों की किस्त और लोन क्लोजर की राशि गबन करने का आरोप

दुर्ग में धोखाधड़ी का बड़ा मामला
दुर्ग। धमधा में महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराने वाली वित्तीय व्यवस्था में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक से संबद्ध सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की धमधा शाखा में पदस्थ कर्मचारियों और शाखा प्रबंधन पर 267 महिला ग्राहकों से प्राप्त ऋण किस्त एवं लोन क्लोजर की राशि कंपनी में जमा नहीं कर 1 करोड़ 11 लाख 93 हजार 173 रुपये का गबन करने का आरोप है। मामले की शिकायत दर्ज होने के बाद धमधा पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

ऑडिट में खुली करोड़ों की गड़बड़ी
पुलिस के अनुसार सेव फाइनेंशियल मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि अशोक कुमार वर्मा ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी संस्था का सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक के साथ अनुबंध है, जिसके माध्यम से महिलाओं को ऋण उपलब्ध कराया जाता है। कंपनी द्वारा कराए गए ऑडिट में धमधा शाखा में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि ग्राहकों से वसूली गई ऋण किस्त और लोन क्लोजर की राशि कंपनी के खाते में जमा ही नहीं की गई।

नोटिस के बाद भी नहीं लौटाई रकम
ऑडिट रिपोर्ट के बाद कंपनी ने संबंधित शाखा प्रबंधक और कर्मचारियों को नोटिस जारी कर राशि जमा करने और स्पष्टीकरण देने का अवसर दिया, लेकिन किसी ने न तो रकम लौटाई और न ही नोटिस का जवाब दिया। इसके बाद विस्तृत जांच में सामने आया कि आरोपियों ने आपसी साजिश के तहत 267 ग्राहकों से वसूली गई 1.11 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन कर लिया।

साक्ष्य जुटाकर पुलिस ने 24 घंटे में की कार्रवाई
मामले में थाना धमधा पुलिस ने अपराध क्रमांक 176/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(5), 318(4) एवं 61(2) के तहत विवेचना शुरू की। पुलिस ने गवाहों के बयान और उपलब्ध दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

ये हैं गिरफ्तार आरोपी
अनिल विश्वकर्मा (23 वर्ष), निवासी साजा, जिला बेमेतरा।

संदीप कुमार खूंटीहरे (31 वर्ष), निवासी पाटन, जिला दुर्ग।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस का कहना है कि इस मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आया है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। विवेचना के दौरान वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है।

महिलाओं के भरोसे से किया खिलवाड़
प्रारंभिक जांच के अनुसार आरोपी महिलाओं से ऋण की मासिक किस्त और लोन क्लोजर के नाम पर राशि लेते रहे, लेकिन उसे कंपनी के खाते में जमा करने के बजाय अपने पास रख लिया। इस तरह लंबे समय तक ग्राहकों और कंपनी दोनों को धोखे में रखकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई
धमधा पुलिस ने शिकायत मिलते ही तेजी से जांच करते हुए 24 घंटे के भीतर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के अन्य पहलुओं की जांच लगातार जारी है।

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