रायपुर। राजधानी रायपुर की एक अदालत ने पत्नी की हत्या के मामले में दोषी पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। चतुर्दश अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश जितेंद्र प्रधान की अदालत ने आरोपी खेमराज महेश्वरी को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और 5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना नहीं चुकाने पर उसे छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 17 जनवरी 2024 को तेलीबांधा थाना क्षेत्र के लाभांडी में घरेलू विवाद के दौरान पति-पत्नी के बीच कहासुनी हुई थी। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पत्नी अमरिका महेश्वरी को मायके जाने के लिए कहा। पत्नी के इनकार करने पर वह घर से बाहर चला गया और कुछ देर बाद पेट्रोल से भरी बोतल लेकर लौटा।
आरोप है कि उसने पत्नी के शरीर पर पेट्रोल छिड़ककर लाइटर से आग लगा दी। गंभीर रूप से झुलसी महिला को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के समय दंपति के दोनों बच्चे भी घर में मौजूद थे और उन्होंने पूरी घटना देखी।
पीड़िता की मां की शिकायत पर पुलिस ने शुरुआत में हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। महिला की मौत के बाद प्रकरण में हत्या की धारा जोड़ते हुए विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी के पहली बार अपराध करने का हवाला देते हुए सजा में नरमी की मांग की, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने कहा कि पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाना अत्यंत जघन्य और क्रूर अपराध है, इसलिए इस मामले में किसी प्रकार की रियायत नहीं दी जा सकती।
अपने फैसले में अदालत ने यह भी कहा कि यह मामला मृत्युदंड की श्रेणी में नहीं आता, लेकिन अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा उचित है। साथ ही आदेश में उल्लेख किया गया कि आरोपी 19 जनवरी 2024 से न्यायिक हिरासत में है और जेल में बिताई गई अवधि को नियमानुसार उसकी सजा में समायोजित किया जाएगा।