भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी अपने पहले बड़े अंतरराष्ट्रीय दौरे पर जाने से पहले ही सुर्खियों में आ गए हैं। इस बार उनकी चर्चा उनके खेल या बल्लेबाजी की वजह से नहीं हो रही है, बल्कि इंग्लैंड दौरे के दौरान लागू होने वाले एक बेहद खास नियम के कारण हो रही है। महज पंद्रह साल के युवा बल्लेबाज वैभव को भारत के आगामी इंग्लैंड दौरे पर अपने सीनियर साथी खिलाड़ियों से अलग चेंजिंग रूम का इस्तेमाल करना होगा। यानी वे मैच या अभ्यास के दौरान बड़े खिलाड़ियों के साथ मुख्य ड्रेसिंग रूम साझा नहीं कर पाएंगे।
जानिए क्या है सेफगार्डिंग पॉलिसी और क्यों लिया गया यह अनोखा फैसला
यह अनोखी व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी के सेफगार्डिंग नियमों के तहत की जा रही है। सेफगार्डिंग पॉलिसी का सीधा और आसान मतलब बच्चों की सुरक्षा और देखभाल से जुड़े कड़े नियम होते हैं। आईसीसी और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के नियमों के मुताबिक सोलह साल से कम उम्र का कोई भी खिलाड़ी वयस्क यानी बड़े खिलाड़ियों के साथ एक ही चेंजिंग रूम का उपयोग नहीं कर सकता है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने इस बात की पुष्टि करते हुए साफ किया है कि यह पूरी सीरीज आईसीसी की देखरेख में हो रही है, इसलिए वहां बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कड़े प्रोटोकॉल लागू रहेंगे। इसके साथ ही इंग्लैंड बोर्ड की अपनी सेफ हैंड्स पॉलिसी भी पूरे दौरे पर प्रभावी रहेगी।
उम्र छोटी होने के कारण माता-पिता भी रहेंगे साथ, होटल में ठहरने की मिली विशेष अनुमति
वैभव की कम उम्र को देखते हुए बोर्ड की तरफ से उनकी अतिरिक्त सुरक्षा और देखभाल के खास इंतजाम किए गए हैं। इस पूरे दौरे के दौरान वैभव के माता-पिता भी उनके साथ साए की तरह मौजूद रहेंगे। वे उसी होटल में ठहरेंगे जहां भारतीय टीम के बाकी खिलाड़ी रुकेंगे। आम तौर पर सीनियर टीम के दौरों पर खिलाड़ियों के माता-पिता को टीम होटल में साथ रुकने की इजाजत नहीं होती है, लेकिन वैभव के मामले में उम्र को देखते हुए क्रिकेट बोर्ड ने यह विशेष अनुमति दी है। इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड का मानना है कि इतनी छोटी उम्र में परिवार का साथ होने से युवा खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूती मिलेगी और वह बेहतर प्रदर्शन कर पाएगा। इस अनोखे नियम के कारण वैभव की यह पहली विदेश यात्रा खेल शुरू होने से पहले ही चर्चा का विषय बन गई है।