मोसाद के निशाने पर थे पाकिस्तानी आर्मी चीफ: अमेरिका और ईरान की शांति वार्ता के बीच हत्या की बड़ी साजिश का दावा, खुफिया रिपोर्ट से हड़कंप

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और खुफिया एजेंसियों की दुनिया से एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। ब्राजील के एक जाने-माने खोजी पत्रकार और भू-राजनीतिक मामलों के विशेषज्ञ पेपे एस्कोबार के एक बड़े दावे ने पाकिस्तान से लेकर ईरान तक की सियासत में भारी हड़कंप मचा दिया है। एस्कोबार का दावा है कि इजरायल की बेहद खतरनाक और तेज-तर्रार खुफिया एजेंसी मोसाद ने पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और उनके पूरे प्रतिनिधिमंडल यानी उनके साथ गए बड़े अधिकारियों की हत्या करने की एक बड़ी और गुप्त साजिश रची थी। दावे के मुताबिक इस खतरनाक ऑपरेशन को तब अंजाम दिया जाना था, जब पाकिस्तानी सेना प्रमुख ईरान के मुद्दे पर शांति वार्ता के लिए स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा शहर में मौजूद थे।

अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता कर रहा है पाकिस्तान, इस्लामाबाद समझौते पर चल रही थी बात

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि को समझें तो पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव और युद्ध को समाप्त कराने के लिए एक बिचौलिए यानी मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। इन दोनों बड़े देशों के बीच शांति बहाली के लिए जो शुरुआती सहमति बनी है, उसे इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी इस्लामाबाद समझौता नाम दिया गया है। मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का आसान भाषा में मतलब दो या दो से अधिक पक्षों के बीच लिखित रूप में किया गया एक शुरुआती समझौता होता है, जिसके आधार पर आगे का मुख्य कानून या संधि तैयार की जाती है। इसी इस्लामाबाद समझौते पर आगे की बातचीत के लिए जिनेवा में एक बहुत ही उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई थी। इस बेहद गोपनीय बैठक में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस सहित कई देशों के बहुत बड़े सुरक्षा अधिकारी भी शामिल हुए थे।

इंटरनेट पर बातचीत के दौरान हुआ खुलासा, पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को पहले ही मिल गई थी भनक

पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर की हत्या की मोसाद की इस कथित साजिश का यह बड़ा खुलासा पेपे एस्कोबार ने मारियो नवाफल के एक प्रसिद्ध इंटरनेट टॉक शो यानी पॉडकास्ट के दौरान किया है। मारियो नवाफल दुनिया भर में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर राजनीतिक चर्चाओं के लिए जाने जाते हैं। एस्कोबार ने इस शो में खुलकर दावा किया कि पाकिस्तानी मिलिट्री इंटेलिजेंस यानी पाकिस्तान की सेना की अपनी खुफिया एजेंसी को इस साजिश के बारे में समय रहते बहुत ही पक्की और भरोसेमंद जानकारी मिल गई थी। खुफिया एजेंसी को पता चल गया था कि मोसाद स्विट्जरलैंड में चल रही इस बेहद खास और अंतरराष्ट्रीय महत्व की बातचीत के दौरान ही आसिम मुनीर और उनके डेलिगेशन के दूसरे सदस्यों को जान से मारने की पूरी तैयारी कर चुका है। इस खुफिया इनपुट के सामने आने के बाद से ही अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

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