Lucknow Fire Accident Update : लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार दोपहर हुए भीषण अग्निकांड के बाद शासन-प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। ऊषा मेहता मार्ग स्थित तीन मंजिला इमारत में लगी इस आग ने 15 मासूम जिंदगियों को लील लिया, जबकि 9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। कल हुए इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों में ज्यादातर युवा छात्र और कोचिंग स्टाफ शामिल थे, जिनकी मौत आग से ज्यादा दम घुटने के कारण हुई।
सोमवार को हुए इस हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही रद्द कर दिया और कल देर शाम खुद लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन बड़ी कार्रवाई की है। हादसे के जिम्मेदार इमारत के तीन संयुक्त मालिकों—राम कृष्ण उपाध्याय, वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, तुषार कृष्ण जायसवाल और एक अन्य आरोपी सुरेश कुमार साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह इमारत आवासीय (Residential) तौर पर पास थी, लेकिन इसका इस्तेमाल व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
इसके साथ ही कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में बिजली विभाग, एलडीए (LDA) और अग्निशमन विभाग के चार बड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) ने कल रात से ही अपनी तफ्तीश शुरू कर दी है, जिसे 7 दिनों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपनी है। एलडीए ने भी मामले की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है।
इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गहरा शोक व्यक्त किया है। केंद्र सरकार ने मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये और उत्तर प्रदेश सरकार ने 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है, जबकि घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद दी जाएगी। फिलहाल पुलिस ने पूरी इमारत को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी हैं।