रमेश गुप्ता
रायपुर । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर केंद्रीय जेल रायपुर में विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पुरुष प्रकोष्ठ के 500 एवं महिला प्रकोष्ठ की 150 बंदियों सहित कुल 650 बंदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योगाभ्यास किया।
प्रातः 7 बजे से 8:15 बजे तक आयोजित योग सत्र में आर्ट ऑफ लिविंग के योग प्रशिक्षक अनिल अग्रवाल एवं उनकी टीम ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम तथा ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया। शिविर का उद्देश्य बंदियों को मानसिक तनाव, नकारात्मक विचारों एवं अवसाद जैसी समस्याओं से राहत दिलाकर उनमें आत्मविश्वास, संयम और सकारात्मक सोच का विकास करना था।

योग शिविर के दौरान ताड़ासन, वृक्षासन, त्रिकोणासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति तथा ध्यान का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों की भी जानकारी दी।
कार्यक्रम की शुरुआत जेल महानिदेशक हिमांशु गुप्ता एवं जेल अधीक्षक योगेश सिंह क्षत्री के शुभकामना संदेशों के साथ हुई। अपने संदेश में जेल महानिदेशक ने योग को भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि यह स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जेल रायपुर बंदियों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यात्मिक विकास के लिए निरंतर प्रयासरत है, ताकि वे समाज में पुनः सम्मानजनक जीवन जी सकें।
कार्यक्रम के समापन पर सभी बंदियों को नियमित योगाभ्यास करने, नशामुक्त रहने तथा समाज के जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुनर्स्थापित होने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर जेल के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।