कोरिया वन मंडल के देवगढ़ वन परिक्षेत्र में निर्माण कार्यों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। आरोप है कि वन विभाग के एक निर्माण कार्य में शासन की गाइडलाइन की अनदेखी कर लाल ईंटों का उपयोग किया जा रहा है, जबकि सरकारी निर्माण कार्यों में फ्लाई ऐश ईंटों के उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं।
जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र देवगढ़ के बसवाही क्षेत्र में चबूतरा निर्माण कार्य कराया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में लाल ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि क्षेत्र में फ्लाई ऐश ईंटें आसानी से उपलब्ध हैं। शासन के निर्देशों के अनुसार विशेष परिस्थितियों को छोड़कर लाल ईंटों के उपयोग पर प्रतिबंध है तथा पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए फ्लाई ऐश ईंटों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाता है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित निर्माण कार्य राजस्व भूमि पर कराया जा रहा है, जिससे मामले को लेकर और भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है।
मामले में जब देवगढ़ वन परिक्षेत्र के डिप्टी रेंजर से संपर्क किया गया तो उन्होंने निर्माण कार्य को छोटा बताते हुए कहा कि “छोटा निर्माण कार्य है, छापना है तो छाप दो।” उनके इस जवाब से विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
अब देखना होगा कि वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर शासन की गाइडलाइन के अनुरूप कार्रवाई करते हैं या नहीं। वहीं ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।
शासन की गाइडलाइन दरकिनार, लाल ईंट से कराया जा रहा निर्माण

21
Jun