फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित 52वें जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक (Bilateral Meeting) संपन्न हुई। इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के पक्ष में अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बयान दिया है। ट्रंप ने खुलकर ऐलान किया कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के दौरान भारत पर कोई भी बाहरी हमला होता है, तो अमेरिका पूरी मजबूती के साथ भारत की मदद के लिए उसके साथ खड़ा रहेगा।

‘दिखने में शांत, लेकिन वार्ता में बेहद सख्त हैं पीएम मोदी’
द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया से बात करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता और उनकी कूटनीति की जमकर सराहना की। ट्रंप ने पीएम मोदी को एक ‘बेहद सख्त वार्ताकार’ (Tough Negotiator) बताते हुए कहा, “प्रधानमंत्री मोदी दिखने में बेहद शांत और सौम्य हैं, लेकिन जब बात देश के हितों और आपसी बातचीत (वार्ता) की आती है, तो वे बेहद सख्त हो जाते हैं।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने हल्के-फुल्के अंदाज में दोनों के स्वभाव की तुलना करते हुए आगे कहा, “मैं प्रधानमंत्री मोदी की तरह शांत, संयमित और जबरदस्त नहीं हूं… जरा उन्हें देखिए।” उन्होंने पीएम मोदी की तारीफों के पुल बांधते हुए उन्हें ‘एंजेल’ (Angel) तक कह डाला और भरोसा जताया कि उनके कुशल नेतृत्व में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छूता रहेगा। ट्रंप ने कहा, “जब तक मोदी हैं, भारत बहुत अच्छा करता रहेगा।”
खाड़ी क्षेत्र में मारे गए भारतीय नाविकों की मौत पर जताया शोक
इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में हाल ही में हुई अमेरिकी सेना की एक कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की दुखद मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में एक तेल टैंकर पर अमेरिकी हमले में मारे गए इन भारतीय नागरिकों के संबंध में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, “मैंने इस घटना के बारे में सुना है, यह एक बेहद मुश्किल पेशा है। हम इस पूरे मामले पर गंभीरता से काम कर रहे हैं।”
मजबूत होते भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंध
राजनैतिक विश्लेषकों का मानना है कि फ्रांस की धरती पर हुई मोदी-ट्रंप की यह मुलाकात आने वाले समय में भारत और अमेरिका के रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक संबंधों को एक नई दिशा देगी। अमेरिका द्वारा भारत की सुरक्षा को लेकर दिया गया यह खुला भरोसा वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत और दोनों देशों के बीच गहरे होते विश्वास का सीधा प्रमाण है।