बलौदाबाजार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सुलगती भट्टी में खाक हुआ लाखों का नशा

बलौदाबाजार। पुलिस मुख्यालय छ.ग. रायपुर के निर्देशानुसार तथा पुलिस अधीक्षक ओ.पी.शर्मा के कुशल निर्देशन में जिला बलौदाबाजार-भाटापारा में जप्तशुदा अवैध मादक पदार्थों के विनष्टीकरण (Disposal) की बड़ी कार्रवाई सफलता पूर्वक संपन्न की गई। जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति की उपस्थिति में भारी मात्रा में जप्त मादक पदार्थों का सुरक्षित नष्टीकरण किया गया। यह संपूर्ण कार्रवाई अडानी अंबुजा सीमेंट प्लांट, रवान के उच्च-तापमान वाले किल्न (Kiln) में सुबह 11:00 बजे से पर्यावरण नियमों का पूर्ण पालन करते हुए की गई। इस दौरान छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर तथा प्रदूषण नियंत्रण मानकों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मामलों में जप्त 105.761 kg गांजा, 1.380 kg डोडा, 0.037 ग्राम अफीम और 5906 नग नशीला टेबलेट को पूरी तरह नष्ट किया गया।

इस कार्रवाई के संपादन हेतु जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति का गठन किया गया था, जिसमें अधिकारी के रूप में ओ.पी.शर्मा (पुलिस अधीक्षक, अध्यक्ष), अभिषेक सिंह (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, बलौदाबाजार, सदस्य) और मुकेश अग्रवाल (जिला आबकारी अधिकारी, सदस्य) शामिल थे। जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल समिति की संपन्न हुई बैठक के निर्णय के उपरांत, जिले के विभिन्न थानों (कसडोल, लवन, सिटी कोतवाली, भाटापारा शहर, पलारी, भाटापारा ग्रामीण एवं सिमगा) के अंतर्गत एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) के तहत दर्ज कुल 34 प्रकरणों के माल का भौतिक सत्यापन कर नष्टीकरण किया गया, जिसमें शामिल है:

  1. गांजा (कुल 30 प्रकरण): विभिन्न थानों से जप्त कुल 30 मामलों में भौतिक सत्यापन और सैंपल अलग करने के पश्चात कुल 105.761 किलोग्राम गांजा पूरी तरह जलाकर नष्ट किया गया।
  2. नशीली कैप्सूल/टेबलेट (कुल 03 प्रकरण): थाना सिमगा के अंतर्गत जप्त कुल 6,089 नगों में से सैंपल (183 नग) सुरक्षित रखकर कुल 5,906 नग नशीली कैप्सूल/टेबलेट को नष्ट किया गया।
  3. अफीम एवं डोडा (कुल 01 प्रकरण): अफीम: जप्तशुदा माल में से सैंपल पश्चात 0.037 ग्राम (0.037 किग्रा) अफीम नष्ट की गई।
  4. डोडा: भौतिक सत्यापन के आधार पर कुल 1.380 किलोग्राम डोडा चूरा का सुरक्षित विनष्टीकरण किया गया।

इस कार्रवाई के दौरान पारदर्शिता एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। संपूर्ण विनष्टीकरण के दौरान ड्रग डिस्पोजल समिति के सदस्यों ने स्वयं उपस्थित रहकर प्रत्येक पैकेट के वजन और सील का मिलान (भौतिक सत्यापन) किया। पर्यावरण अनुकूल डिस्पोजल के तहत रिहायशी इलाकों से दूर, अडानी अंबुजा सीमेंट कारखाने के किल्न (उच्च तापमान भट्टी) का उपयोग किया गया, ताकि पर्यावरण को किसी भी प्रकार का नुकसान न पहुँचे। इसके लिए विधिवत अनुमति प्राप्त कर संपूर्ण प्रक्रिया संपन्न की गई।

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