बीएसपी स्क्रैप चोरी का मुख्य आरोपी यूपी से गिरफ्तार, 3.22 करोड़ की जब्ती वाले मामले में दुर्ग पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बीएसपी स्क्रैप चोरी मामले में बड़ा खुलासा, मुख्य फरार आरोपी उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार ,
3.22 करोड़ की जब्ती वाले चर्चित प्रकरण में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, एक और आरोपी दबोचा

Ramesh Gupta भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के स्क्रैप चोरी मामले में दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। करोड़ों रुपये मूल्य के स्क्रैप चोरी और अवैध परिवहन से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में मुख्य फरार आरोपी को उत्तरप्रदेश से गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी की भी संलिप्तता सामने आने पर उसे हिरासत में लिया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार, 26 मई 2026 को मुखबिर की सूचना पर पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने हथखोज औद्योगिक क्षेत्र स्थित ए.के. ट्रेडर्स परिसर में दबिश दी थी। जांच के दौरान वहां खड़े विभिन्न हाईवा और ट्रकों में फ्लू डस्ट के साथ बीएसपी से चोरी किए गए लोहे की प्लेट, बीम और अन्य स्क्रैप सामग्री लोड पाई गई थी।
छापेमारी में परिसर से करीब 250 टन लोहे की प्लेट एवं बीम कटिंग बरामद की गई थी, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये आंकी गई। वहीं परिवहन और लोडिंग में प्रयुक्त वाहनों एवं मशीनरी सहित कुल 3 करोड़ 22 लाख रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की गई थी। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया था कि फ्लू डस्ट परिवहन की आड़ में बीएसपी के स्क्रैप का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा था।
गिरफ्तारी से बचने लगातार बदल रहा था ठिकाना
मामले में पहले ही आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका था, जबकि मुख्य आरोपी संजय सिंह पुलिस कार्रवाई के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस की लगातार निगरानी और मुखबिर तंत्र से मिली सूचना के आधार पर पता चला कि वह उत्तरप्रदेश के देवरिया जिले में छिपकर रह रहा है।
इसके बाद विशेष टीम गठित कर उत्तरप्रदेश भेजी गई। पुलिस ने देवरिया में आरोपी के ठिकाने की पुष्टि कर घेराबंदी की और उसे गिरफ्तार कर दुर्ग लाया। पूछताछ के दौरान प्रकरण में एक अन्य आरोपी पिंटू उर्फ उपेंद्र ओझा की भूमिका भी सामने आई, जिसके बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।
सात दिन की पुलिस रिमांड
दोनों आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत कर विस्तृत पूछताछ के लिए सात दिन की पुलिस रिमांड प्राप्त की गई है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में स्क्रैप चोरी के नेटवर्क, खरीद-बिक्री की श्रृंखला तथा अन्य संलिप्त व्यक्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
करोड़ों के अवैध कारोबार की जांच जारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह मामला केवल स्क्रैप चोरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे संगठित तरीके से संचालित अवैध कारोबार की भी जांच की जा रही है। मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना से इंकार नहीं किया गया है।

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