रायपुर। धर्मांतरण और अनुसूचित जनजाति आरक्षण से जुड़े डीलिस्टिंग मुद्दे पर प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के हालिया बयान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर तथ्यों को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डीलिस्टिंग जैसे संवेदनशील विषय पर टिप्पणी करने से पहले पूरी जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कई बार कांग्रेस नेता अधूरी जानकारी के आधार पर बयान देते हैं, जिससे आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति उत्पन्न होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस विषय से जुड़े कानूनी और संवैधानिक पहलुओं को समझे बिना राजनीतिक बयानबाजी करना उचित नहीं है।
गौरतलब है कि धर्मांतरण के बाद अनुसूचित जनजाति वर्ग के आरक्षण अधिकारों और डीलिस्टिंग को लेकर हाल के दिनों में देशभर में चर्चा तेज हुई है। इसी संदर्भ में पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बयान के बाद मुख्यमंत्री का यह जवाब सामने आया है।
जशपुर को रेल संपर्क से जोड़ने की दिशा में बढ़ी प्रक्रिया
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रस्तावित बिलासपुर और जशपुर दौरे के संबंध में भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जशपुर जिला लंबे समय से रेल नेटवर्क से जुड़ने की प्रतीक्षा कर रहा है। इस विषय को उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष भी प्रमुखता से रखा था।
मुख्यमंत्री के अनुसार रेल परियोजना से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं में तेजी आई है और निकट भविष्य में इस दिशा में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है। उन्होंने कहा कि जशपुर तक रेल पहुंचने से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय लोगों की आवाजाही को नई गति मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
कांग्रेस के कार्यक्रम पर टिप्पणी से किया परहेज
कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर और उसमें राहुल गांधी की संभावित भागीदारी को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल के आंतरिक कार्यक्रमों और उसमें शामिल होने वाले नेताओं के बारे में निर्णय लेना संबंधित दल का विषय है।