आपके पंचायतों को फंड लेना हो तो …

0आइए चलिए आपको विधानसभा अध्यक्ष , मंत्रियों व अधिकारियों से मिलाता हूं 0
0इस तरह का झांसा देकर पंचायत प्रतिनिधियों को लगाया जा रहा चुना 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली :आपके पंचायतों को फंड चाहिए तो आइए व चलिए आपको विधानसभा अध्यक्ष , मंत्रियों व उच्च अधिकारियों से मिलवाता हूं आपको ग्राम विकास के लिए भारी फंड मिलेगा

कुछ इस तरह की बाते कहकर व झांसा देकर कुछ लोग अवैध वसूली व मुफ़्त में मुलाकात कराने का एक नया ट्रेंड चला रहे है । पंचायतों के कुछ प्रतिनिधि इस तरह के झांसे में आकर हजारों रुपए की चपत लगवा चुके हैं । और यह कार्य पार्टी से जुड़े छुटभैये नेता व मीडिया से जुड़े लोग हैं ।

इस तरह के कुछ मीडिया से जुड़े लोग ग्रामीण क्षेत्र के भोले भाले पंचायत प्रतिनिधियों को कुछ पत्रकार व मीडिया से जुड़े होने का का परिचय देकर विधानसभा अध्यक्ष , मंत्रियों व उच्च अधिकारियों के साथ पूर्व में खिंचाए गए फोटो को दिखाकर तथा उनसे आत्मीय जान पहचान व घनिष्ठ संबंध बताकर रायपुर ले जाकर मिलवाने व फंड दिलाने का कार्य करने का एक फैशन चल चुका है । इसकी आड़ में अवैध उगाही भी किए जाने की शिकायतें भी आ रही है । पहले कुछ छुटभैया नेताओं व मीडिया से जुड़े सफेदपोश लोग इसी तरह की ट्रिक अपनाकर व नेताओ के साथ फोटो खींचाकर जिला व ब्लॉक स्तर के नेताओं व अधिकारियों को फोटो दिखाकर तथा अखबारों में समाचार निकलवाकर अपनी पंहुच व संबंध दिखाकर रौब दिखाया करते थे पर कुछ दिनों बाद वास्तविकता से परिचित हो जाने के बाद यह ट्रीक लंबे समय तक नहीं चल पायी तो अब एक नयी तकनीक ईजाद कर ली गई है । पंचायत फंड दिलाने के लोभ व इसके झांसे में आकर पंचायत प्रतिनिधि धोखे के शिकार हो रहे हैं ।

मीडिया के खौफ व अवैध कमाई का आकर्षण कई लोगों को इस जाब की ओर आकर्षित कर रहा है । कुछ पढ़े लिखे तो कुछ अनपढ़ युवा भी जिन्हें न तो लिखना आता है और न ही पढ़ना ऐसे लोग भी अखबारों की कुछ प्रति की एजेंसी लेकर व कुछ यूट्यूब व अनजान टीवी चैनलों के रिपोर्टर बनकर मीडिया क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं। एक अखबार , पोर्टल या चैनलों में समाचार लगा नहीं की कापी पेस्ट पत्रकार सक्रिय हो जाते हैं तुरंत उनके चैनलों व नामो को हटाकर अपने अखबार या चैनलों को ऐड कर प्रकाशित व प्रसारित करने की होड़ सी लग जाती है । सरकारी संस्थानों के समाचारों को ग्रुप से उठाने की आदतों के कारण अब सरकारी विज्ञप्तियाँ पत्रकारों को न भेजकर सोशल मीडिया में भेजने की एक नई परंपरा प्रारम्भ कर दी गई है । ग्रुपों से विज्ञप्तियों को उठाकर समाचार लगा देने की वजह से पत्रकारों की पहचान व सम्मान अब कम होने लगी है जिसके चलते पत्रकारों व अधिकारियों के बीच समाचारों को लेकर दूरी बन गई है । पत्रकारों को भी इन सभी चीजों से बचने का अब समय आ गया है ।

क्षेत्र में इन दिनों मीडिया से जुड़े कुछ लोग भोले भाले पंचायत प्रतिनिधियों को विधानसभा अध्यक्ष , मंत्रियों व उच्च अधिकारियों से मधुर संबंध होने के साथ उनके साथ खिंचाए गए फोटो दिखाकर उन्हें विश्वास में लेकर उनके ही खर्चे से रायपुर आने जाने के साथ ही पंचायतों में निर्माण व विकास के लिए लाखों रुपयों का फंड जारी किए जाने का झांसा देकर उन्हें रायपुर मिलवाने ले जाए जाने की जानकारी आ रही है । साथ ही इसकी आड़ में हजारों रुपयों की वसूली भी किए जाने की भी जानकारी व शिकायतें सामने आ रही है । पंचायतों को भारी भरकम फंड दिलाने की बात कहकर उनसे गाड़ी की व्यवस्था भी करवाई जा रही है साथ ही अन्य खर्चों के साथ फंड पास कराने के नाम पर अग्रिम राशि के रूप में हजारों रुपयों की वसूली भी की जा रही है । एक ग्राम पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों का विधानसभा अध्यक्ष , मंत्रियों व उच्च अधिकारियों से प्रत्यक्ष मुलाकात हो पाना या कर पाना आसान नहीं होता । उनके लिए यह एक असंभव सा लगता है । ऐसे में कोई यदि सहज ही मुलाकात करवा दे तो यह उनके लिए बहुत ही रोमांचक व यादगार पल साबित होता है जिसे वे सहज व संजो कर रखना चाहते हैं । यही रोमांचकारी पल उन पंचायत प्रतिनिधियों को अब भारी पड़ने लगा है । ग्राम पंचायत के विकास व निर्माण कार्यों के लिए मिलने वाले फंड की आश व विश्वास में हजारों की मार खाए इन छोटे जनप्रतिनिधियों के समक्ष अब निराशा व आक्रोश पनप रहा है । वहीं पंचायत प्रतिनिधियों को इस तरह के झांसे में आने से बचने की भी सलाह दी गई है ।

इस संबंध में कुछ पंचायत प्रतिनिधियों व पदाधिकारियों ने बताया कि नगर के बाहर से भी अनेक पत्रकारों द्वारा विज्ञापन के नाम से अवैध वसूली की जा रही है । इन कथित पत्रकारों द्वारा इन पंचायत प्रतिनिधियों को धमकाया व चमकाया भी जा रहा है सहयोग राशिवके रूप में 500 रुपए तक मांगा जा रहा है । ऐसे कथित पत्रकारों द्वारा बाकायदा क्यू आर कोड भेजकर पैसों की मांग की जा रही है । बाहर के पत्रकारों को स्थानीय कुछ पत्रकारों का भी समर्थन मिलने की बात कही जा रही है । सरपंचो ने बताया कि इन सबके विरोध में
अब सीधे पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।

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