परिवहन उद्योग के विकास पर राष्ट्रीय मंथन, रायपुर में जुटे देशभर के बस-टैक्सी ऑपरेटर

होटल बेबीलोन में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में नीतिगत सुधार, उद्योग की चुनौतियों और संभावनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर। बस ओनर्स फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ एवं बस एंड कार ऑपरेटर्स कन्फेडरेशन ऑफ इंडिया (BOCI) के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को राजधानी रायपुर स्थित होटल बेबीलोन इंटरनेशनल में परिवहन उद्योग से जुड़े राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश एवं प्रदेश के विभिन्न राज्यों से आए बस, कार एवं टैक्सी संचालकों ने हिस्सा लेकर परिवहन व्यवसाय से जुड़ी समस्याओं, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, परिवहन मंत्री केदार कश्यप, पूर्व सांसद सुनील सोनी, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, परिवहन आयुक्त एस. प्रकाश तथा अतिरिक्त परिवहन आयुक्त डी. रविशंकर उपस्थित रहे।

सम्मेलन में सरकार और परिवहन जगत के बीच बेहतर संवाद स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी क्षेत्र का समग्र विकास तभी संभव है जब नीति और व्यवहार के बीच निरंतर संवाद बना रहे। इस दौरान परिवहन उद्योग की वर्तमान चुनौतियों, यात्री परिवहन व्यवस्था, व्यवसायिक संभावनाओं और उद्योग के आधुनिकीकरण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

कार्यक्रम में परिवहन उद्योग से जुड़े विभिन्न संस्थानों द्वारा स्टॉल भी लगाए गए, जहां नई तकनीकों और सेवाओं की जानकारी प्रतिभागियों को प्रदान की गई। साथ ही स्थानीय पेसेंजर व्हीकल ऑपरेटर्स की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर भी चर्चा हुई।

सम्मेलन में रायपुर के प्रमुख ट्रांसपोर्टर्स नवशरण गरचा, अनुराग शुक्ला, भावेश दुबे, अजय गिल, अभिनीत शुक्ला, रमाकांत गुप्ता, सत्यानंद पांडेय, अभिनंदन सिंह, कमलेश सिंह, मनीष जैन, जसविंदर सिंह साहनी, सुदीप शुक्ला, पुष्पराज शर्मा, विनीत जैन, कीरत बल, अर्पित शुक्ला, मयंक दुबे, राहुल शुक्ला एवं गुरमीत सिंह सहित बड़ी संख्या में परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोग उपस्थित रहे।

बस ओनर्स फेडरेशन ऑफ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अनिल पुसदकर एवं महासचिव भावेश दुबे ने बताया कि यह सम्मेलन परिवहन उद्योग से जुड़े लोगों के लिए न केवल मिलन समारोह बल्कि अपनी समस्याओं और सुझावों को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का एक प्रभावी मंच भी साबित हुआ। कार्यक्रम में उद्योग की बेहतरी और परिवहन व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

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