नई दिल्ली। रेलवे भर्ती प्रक्रिया को और अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। आने वाले समय में रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की कई परीक्षाएं टैबलेट आधारित प्रणाली से आयोजित की जा सकती हैं। इस संबंध में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे भर्ती बोर्ड की समीक्षा बैठक के दौरान महत्वपूर्ण संकेत दिए हैं।

रेल मंत्रालय का मानना है कि नई तकनीक के इस्तेमाल से भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और परीक्षाओं के नतीजे भी पहले की तुलना में तेजी से जारी किए जा सकेंगे। फिलहाल रेलवे की सभी प्रमुख भर्ती परीक्षाएं कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में आयोजित की जाती हैं।
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षित डिजिटल टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रश्नपत्र सीधे टैबलेट की स्क्रीन पर दिखाई देगा और उम्मीदवार उसी डिवाइस पर अपने उत्तर दर्ज करेंगे। इससे परीक्षा संचालन की प्रक्रिया और अधिक सरल तथा प्रभावी बनने की उम्मीद है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार टैबलेट आधारित परीक्षा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि परीक्षा केंद्रों की स्थापना आसान हो जाएगी। बड़ी संख्या में कंप्यूटर लगाने, नेटवर्क तैयार करने और उनके रखरखाव पर होने वाला खर्च भी कम होगा। टैबलेट को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है, जिससे दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में भी परीक्षा आयोजित करना सुविधाजनक होगा।
यदि किसी डिवाइस में तकनीकी खराबी आती है तो उसे तुरंत बदला जा सकेगा। इससे परीक्षा में बाधा आने की संभावना भी कम होगी। वहीं उम्मीदवारों के लिए भी यह प्रणाली आसान मानी जा रही है, क्योंकि अधिकांश युवा पहले से ही स्मार्टफोन और टैबलेट का उपयोग करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली के कारण उत्तरों की जांच तेज होगी और परिणाम जारी करने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है। इससे लाखों रेलवे नौकरी अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा।
रेलवे भर्ती में यह बदलाव तकनीक आधारित गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आने वाले महीनों में इस नई व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने की संभावना है।