APK के जाल में फंसा जवान, खाते से उड़ाए एक लाख रुपये

मोबाइल हैक कर साइबर ठग ने पार की रकम, राजस्थान का आरोपी गिरफ्तार

महाराष्ट्र में छिपा बैठा था आरोपी, कांकेर पुलिस और साइबर सेल ने दबोचकर भेजा जेल

कांकेर। साइबर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब सुरक्षा बलों के जवान भी उनके निशाने पर हैं। जिले में सामने आए एक चौंकाने वाले मामले में साइबर ठग ने मोबाइल में एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल करवाकर एक जवान का फोन हैक कर लिया और उसके बैंक खाते से एक लाख रुपये पार कर दिए। कई महीनों की तकनीकी जांच और डिजिटल ट्रैकिंग के बाद पुलिस ने राजस्थान के एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार सीएएफ एडगुड़ में पदस्थ रामनरेश मिश्रा (37) ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए थे। आरोपी ने उन्हें अपने झांसे में लेकर मोबाइल में एक संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड करवा दी। फाइल इंस्टॉल होते ही ठग को मोबाइल तक पहुंच मिल गई और उसने बैंक खाते से एक लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने लोहत्तर थाना में शिकायत दर्ज कराई।

तकनीकी जांच में खुला राज

मामले को गंभीरता से लेते हुए लोहत्तर पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त जांच शुरू की। बैंक ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और डिजिटल लोकेशन की पड़ताल के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले। जांच में आरोपी की पहचान सुनील जयपाल (23) निवासी आरतिया, जिला पाली (राजस्थान) के रूप में हुई।

महाराष्ट्र से दबोचा गया आरोपी

पुलिस को पता चला कि आरोपी लगातार अपना ठिकाना बदल रहा है। साइबर टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए उसकी लोकेशन महाराष्ट्र में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने ठगी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

मोबाइल और सिम कार्ड जब्त

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त ओप्पो मोबाइल फोन और जियो सिम कार्ड बरामद किया है। मामले में आईटी एक्ट की धारा 66(डी) सहित भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

ऐसे काम करता है APK ठगी का नेटवर्क

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार अपराधी फर्जी एपीके फाइल, लिंक या एप्लिकेशन भेजकर लोगों के मोबाइल में सेंध लगाते हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति ऐसी फाइल डाउनलोड करता है, ठग मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लेते हैं। इसके बाद बैंकिंग ऐप, ओटीपी और गोपनीय जानकारी तक पहुंच बनाकर खाते से रकम निकाल ली जाती है।

पुलिस की अपील : अनजान लिंक से रहें सावधान

इस कार्रवाई में निरीक्षक संजय शिंदे, उपनिरीक्षक लक्ष्मीनारायण नामदेव, सहायक उपनिरीक्षक पवन मरकाम तथा साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, एपीके फाइल या मोबाइल एप्लिकेशन को डाउनलोड न करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।

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