DMF 13.61 लाख का अहाता, डेढ़ साल में दरारों से भरा तकनिकी लापरवाही की भर मार

छात्रों की सुरक्षा के नाम पर खर्च हुई राशि, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता के दावों के बीच जनपद पंचायत सोनहत के ग्राम पंचायत कटगोड़ी के उसनापारा स्थित स्कूल में निर्मित अहाता निर्माण कार्य सवालों के घेरे में आ गया है। डीएमएफ मद से लगभग 13 लाख 61 हजार रुपये की लागत से निर्मित अहाता की दीवारें निर्माण के महज डेढ़ साल बाद ही कई स्थानों पर दरक गई हैं।
विद्यालय परिसर की सुरक्षा के लिए बनाए गए इस अहाता का उद्देश्य छात्रों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना था, लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। दीवारों में आई दरारें न केवल निर्माण में बरती गई तकनीकी लापरवाही की ओर इशारा कर रही हैं, बल्कि भविष्य में किसी अप्रिय घटना की आशंका भी पैदा कर रही हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप किया गया होता तो इतनी कम अवधि में दीवारों में दरारें नहीं पड़तीं। लोगों का आरोप है कि निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण और तकनीकी निरीक्षण को गंभीरता से नहीं लिया गया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब लाखों रुपये की लागत से निर्माण कार्य कराया गया था, तब उसकी नियमित निगरानी किसने की और कार्य पूर्ण होने के बाद गुणवत्ता परीक्षण कैसे किया गया। ग्रामीणों का मानना है कि मामले की निष्पक्ष जांच होने पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।
ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन से निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता की समीक्षा करने तथा दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि छात्रों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में क्या कदम उठाए जाते हैं।

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