भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की तफ्तीश अब बेहद आक्रामक और हाईटेक मोड़ पर आ चुकी है। 5 दिन की रिमांड पर ली गईं रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह से जांच एजेंसी बंद कमरे में तीखे सवाल-जवाब कर रही है। जबलपुर हाई कोर्ट से अग्रिम जमानत रद्द होने के बाद 28 मई को कटारा हिल्स स्थित उनके आवास से गिरफ्तार की गईं पूर्व जज के सामने CBI ने 14 सवालों की वो फेहरिस्त रख दी है, जो इस पूरे मामले के रहस्यों से पर्दा उठा सकती है।
मौत से पहले के वो ‘रहस्यमयी 54 मिनट’
CBI की सुई फिलहाल 12 तारीख की रात के उन 54 मिनटों पर टिकी है, जो ट्विशा की मौत का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट बने। FIR के मुताबिक, उस रात 9:41 बजे ट्विशा अपने परिजनों से फोन पर बात कर रही थीं और तभी बैकग्राउंड में उनके पति समर्थ सिंह के चिल्लाने की आवाज आई। इसके ठीक 54 मिनट बाद यानी रात 10:35 बजे जब ट्विशा की भाभी ने दोबारा कॉल किया, तो सास गिरिबाला सिंह ने फोन उठाकर कहा- ‘शी इज नो मोर’ (वह अब नहीं रही)। एजेंसी अब यह कड़ियां जोड़ने में जुटी है कि इन 54 मिनटों के भीतर आखिर तीन मंजिला मकान में क्या हुआ था।
सीसीटीवी टाइमिंग में हेरफेर और ये 14 तीखे सवाल
पूछताछ के दौरान सबसे ज्यादा फोकस घटनास्थल के डिजिटल साक्ष्यों और सीसीटीवी कैमरों पर है, क्योंकि घर के कैमरों का समय एक्चुअल टाइम से करीब 2 घंटे 20 मिनट पीछे चल रहा था। इसी को लेकर CBI ने गिरिबाला सिंह को कटघरे में खड़ा करते हुए कई चुभते सवाल दागे हैं:
- आपको ट्विशा की मौत की खबर कब और कैसे मिली?
- घटना के बाद सबसे पहले मौके पर कौन पहुंचा था- आप या समर्थ सिंह?
- क्या आपने खुद पुलिस को इसकी सूचना दी? यदि हां, तो किस समय?
- आपके घर का सीसीटीवी सिस्टम असल समय से 2 घंटे 20 मिनट पीछे क्यों चल रहा था?
- वारदात के फौरन बाद आपने सीसीटीवी टेक्नीशियन रोहित विश्वकर्मा को फोन क्यों किया था?
- क्या घटना के बाद किसी भी तरह के डिजिटल डेटा या सबूतों के साथ कोई छेड़छाड़ की गई?
- एफआईआर दर्ज होने के बाद से गिरफ्तारी तक समर्थ सिंह कहां छिपा हुआ था और क्या आप उसके संपर्क में थीं?
‘वर्चुअल टनल व्यू’ से रीक्रिएट होगा क्राइम सीन
इस हाई-प्रोफाइल मिस्ट्री को सुलझाने के लिए CBI ने देश की सबसे आधुनिक ‘वर्चुअल टनल व्यू’ तकनीक का सहारा लिया है। इसके तहत जांच टीम कटारा हिल्स वाले बंगले के भीतर का एक पूरा डिजिटल वर्चुअल मॉडल तैयार कर रही है। इसमें सीसीटीवी फुटेज, वाई-फाई लॉग, मोबाइल टावर लोकेशन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) को एक साथ सिंक (जोड़ा) किया जा रहा है। इस तकनीक के जरिए एक सिम्युलेटेड वॉकथ्रू बनाकर यह देखा जाएगा कि घटना के वक्त कौन सा आरोपी घर के किस हिस्से में मौजूद था, ताकि बयानों के विरोधाभास को पकड़कर सच सामने लाया जा सके।