अभनपुर। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के करोड़ों रुपये के भारतमाला प्रोजेक्ट में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद गंभीर और डराने वाली लापरवाही सामने आई है। अभनपुर क्षेत्र में चल रहे ओवरब्रिज निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। निर्माण स्थल पर भारी मशीनों के बीच और जमीन से कई फीट की ऊंचाई पर काम कर रहे मजदूर बिना सेफ्टी हेलमेट, सेफ्टी बेल्ट, ग्लव्स (दस्ताने) और सुरक्षा जूतों के काम करने को मजबूर हैं।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, निर्माण एजेंसी द्वारा कामगारों की जिंदगी के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ किया जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इतने बड़े और भारी-भरकम निर्माण क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़े चेतावनी बोर्ड और जरूरी इंतजाम भी पूरी तरह से नदारद हैं।
न ट्रेनिंग मिली और न ही सुरक्षा किट
प्रोजेक्ट से जुड़े सूत्रों का दावा है कि साइट पर काम कर रहे कई मजदूरों को न तो इस जोखिमभरे काम के लिए कोई जरूरी सुरक्षा प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) दिया गया है और ना ही उन्हें अनिवार्य सुरक्षा किट मुहैया कराई गई है। जिम्मेदार अधिकारियों की आंखों के सामने यह पूरा खेल चल रहा है, लेकिन सब कुछ देखकर भी विभाग ने चुप्पी साध रखी है।
उठ रहे हैं गंभीर सवाल, हादसे का जिम्मेदार कौन?
इस घोर लापरवाही को लेकर अब स्थानीय निवासियों और राहगीरों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि इतने बड़े बजट के प्रोजेक्ट में मजदूरों की जान को इस तरह दांव पर लगाना बेहद चिंताजनक है। जनता अब सीधे तौर पर सवाल उठा रही है कि:
अगर ऊंचाई से गिरने या किसी मशीन की चपेट में आने से कोई बड़ा हादसा होता है, तो उसका जिम्मेदार कौन होगा?
क्या एनएचएआई (NHAI) और संबंधित विभाग के बड़े अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था सिर्फ कागजों तक ही सीमित है?
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद अब देखना यह होगा कि प्रशासन और जिम्मेदार एजेंसी इस दिशा में कोई ठोस कदम उठाकर कामगारों को सुरक्षा किट उपलब्ध कराती है, या फिर हर बार की तरह किसी बड़े हादसे और मासूमों की जान जाने के बाद ही सिस्टम की नींद खुलेगी।