चरामा। बढ़ती महंगाई और आर्थिक संकट ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के निवासी इन दिनों दोहरे संकट से गुजर रहे हैं। एक तरफ जहां लोगों की आमदनी लगातार घट रही है या स्थिर बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ रोजमर्रा की जरूरी चीजों, गैस सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए घर चलाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
बढ़ती महंगाई का सीधा असर स्थानीय बाजारों पर देखने को मिल रहा है। दुकानदारों का कहना है कि लोगों के पास पैसे न होने के कारण बाजारों से रौनक पूरी तरह गायब है। लोग सिर्फ बहुत जरूरी चीजें ही खरीद रहे हैं। किराना और कपड़ा व्यापारियों के मुताबिक, बिक्री में 40 से 50 फीसदी तक की गिरावट आई है, जिससे दुकान का किराया और स्टाफ की सैलरी निकालना भी मुश्किल हो गया है। बाजार में हरी सब्जियों, दालों और खाद्य तेलों की कीमतें पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पहले जो घर खर्च 8,000 रुपये में चल जाता था, आज वह 15,000 रुपये पार कर रहा है। बच्चों की स्कूल फीस, बिजली बिल और ऊपर से सिलेंडर के बढ़े दामों के कारण रसोई का बजट पूरी तरह गड़बड़ा गया है।
आर्थिक तंगी के कारण नगरवासियों में मानसिक तनाव भी बढ़ रहा है। अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए कई लोग व्यक्तिगत ऋण (पर्सनल लोन) या स्थानीय साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेने के लिए मजबूर हैं। आम जनता का मानना है कि यदि प्रशासन और सरकार ने बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाए, तो स्थिति और भी चिंताजनक हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर निवेदन किया है कि महंगाई व आर्थिक संकट को रोकने के लिए बाजार पर नियंत्रण किया जाए, ताकि आम आदमी को थोड़ी राहत मिल सके।
जनप्रतिक्रियाएं:
“रसोई गैस, डीजल और पेट्रोल के आसमान छूते दामों से आज आम आदमी और किसान त्रस्त हैं। डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ गई है और मालभाड़ा बढ़ने से हर चीज महंगी हो गई है। सरकार से मांग है कि टैक्स कम कर तुरंत जनता को राहत दे, वरना किसान कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।” — सावित्री मंडावी, विधायक, भानुप्रतापपुर
“वर्तमान में गैस और पेट्रोल के रेट बढ़ने से निम्न वर्ग के लोग गैस नहीं खरीद पा रहे हैं और घरों में फिर से चूल्हा जलाने को मजबूर हैं। शासन को इस ओर तुरंत ध्यान देना चाहिए।” — भुनेश्वर नागराज (अध्यक्ष, नगर पंचायत) एवं रानू कमलेश सेन (पार्षद, वार्ड नंबर 11)
“पेट्रोल के दाम बढ़ जाने के कारण अब गाड़ी में पेट्रोल डलवाने के लिए बार-बार सोचना पड़ता है। जितना हम कमाते नहीं हैं, उससे ज्यादा पेट्रोल और बिजली बिल में खर्च हो जाता है। शासन से मांग है कि पेट्रोल और बिजली के दाम तत्काल कम किए जाएं।” — स्थानीय निवासी
चरामा संवाददाता: अनुप वर्मा