म्यूल अकाउंट सिंडिकेट का भंडाफोड़: साइबर अपराधियों को बैंक खाते बेचने वाला मास्टरमाइंड भिलाई से गिरफ्तार

रमेश गुप्ता भिलाई। साइबर और आर्थिक अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सुपेला थाना और एसीसीयू टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराकर देशभर के साइबर अपराधियों को मदद पहुंचाने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड मनोज कुमार भुतड़ा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, आधार कार्ड और फिनो पेमेंट किट बरामद किए गए हैं।


पांच रास्ता हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 24 मई 2026 को सूचना मिली थी कि जगदलपुर निवासी मनोज कुमार भुतड़ा अपने साथियों के साथ भिलाई में म्यूल अकाउंट का नेटवर्क संचालित करने और खातों को खपाने आया हुआ है। सूचना मिलते ही सुपेला पुलिस और एसीसीयू टीम ने सुपेला ओवरब्रिज स्थित पांच रास्ता हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 11 बैंक पासबुक, 7 एटीएम कार्ड, 3 फिनो पेमेंट किट, 3 आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया गया।
2022 से चला रहा था म्यूल अकाउंट का अवैध कारोबार
पूछताछ में मास्टरमाइंड मनोज कुमार भुतड़ा ने खुलासा किया कि वह वर्ष 2022 से साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का धंधा कर रहा था। गिरोह साधारण सेविंग अकाउंट 15 से 20 हजार रुपये तथा करंट अकाउंट 40 से 50 हजार रुपये में बेचता था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी इंडसइंड बैंक, आईडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक समेत विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाकर उन्हें आर्थिक अपराधियों तक पहुंचाता था। इन खातों में करोड़ों रुपये के ट्रांजेक्शन होने की जानकारी भी मिली है।
बैंक बैलेंस तक खुद भरता था मास्टरमाइंड
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम करता था। जिन लोगों के नाम पर खाते खुलवाए जाते थे, उनके खाते में न्यूनतम बैलेंस की रकम भी खुद आरोपी जमा करवाता था। खाता खुलने के बाद वह रकम वापस निकाल ली जाती थी।
इतना ही नहीं, बड़े ट्रांजेक्शन वाले खातों को बैंक में होल्ड करवाकर बाद में बैंक अधिकारियों से संपर्क कर होल्ड हटवाने और रकम निकालने का खेल भी आरोपी करता था। पुलिस के अनुसार आरोपी की कई बैंक शाखाओं में मजबूत पकड़ थी।
कई जिलों और राज्यों तक फैला नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का नेटवर्क दुर्ग, बालोद, गुण्डरदेही, जगदलपुर समेत कई इलाकों तक फैला हुआ था। आरोपी विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के नाम पर खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराधियों को बेचते थे।
मनोज कुमार भुतड़ा वर्तमान में बालोद जिले के गुण्डरदेही थाना क्षेत्र के ग्राम तर्राभाठा में रह रहा था। उसके साथी बस्तर और बालोद क्षेत्र में सक्रिय होकर खाते जुटाने का काम करते थे।
गाजियाबाद, सूरत और रायपुर पुलिस को भी थी तलाश
पुलिस के मुताबिक आरोपी मनोज कुमार भुतड़ा की तलाश गाजियाबाद, सूरत, रायपुर और जगदलपुर पुलिस को भी थी। विभिन्न राज्यों में दर्ज साइबर और आर्थिक अपराधों में उसके नेटवर्क का उपयोग किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अन्य साथियों की तलाश में अलग-अलग टीम रवाना कर चुकी है। पुलिस ने
मनोज कुमार भुतड़ा, पिता भंवरलाल, उम्र 33 वर्ष, निवासी ग्राम बिरेतरा, चौकी हल्दी, जिला बालोद
केवल सेठिया, पिता तुलाराम सेठिया, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम केसलुर, जिला बस्तर,सत्यनारायण सेठिया, पिता श्रीनाथ सेठिया, उम्र 26 वर्ष, निवासी मांझीगुड़ा, थाना दरभा, जिला बस्तर को गिरफ्तार किया है l
इस दौरान पुलिस ने 11 बैंक पासबुक,7 एटीएम कार्ड,3 फिनो पेमेंट किट,3 आधार कार्ड,1 पैन कार्ड सामग्री जब्त किया है l सुपेला पुलिस ने सभी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) और 318(4) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पत्रकार वार्ता में भिलाई नगर सीएसपी सत्य प्रकाश तिवारी, डीएसपी क्राइम तथा सुपेला थाना प्रभारी विजय यादव सहित अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

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