सूरजपुर में विकास की बड़ी बौछार: सीएम साय ने दी 67 करोड़ की सौगात, व्हीलचेयर पाकर छलक आए दिव्यांग बेटी की मां के आंसू

सूरजपुर।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का गुरुवार को सूरजपुर दौरा जिले के लिए बड़ी सौगातें और कई भावुक कर देने वाले पल लेकर आया। रामानुजनगर के ग्राम रामपुर में लगे जनसमस्या निवारण शिविर में सीएम साय न केवल ग्रामीणों के बीच बैठे, बल्कि जिले को 66 करोड़ 99 लाख रुपये के विकास कार्यों की मंजूरी भी दी। मुख्यमंत्री ने कुल 87 विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इससे जिले में सड़क, पानी, बिजली और अस्पताल की व्यवस्थाएं सुधरेंगी।

32 करोड़ से चमकेगी सड़क, अस्पताल में मिलेगी CT स्कैन की सुविधा

इस दौरे की सबसे बड़ी घोषणा डुमरिया एनएच-43 से केवरा तक बनने वाली 20 किलोमीटर लंबी सड़क रही। 32 करोड़ 48 लाख रुपये की लागत से इस रोड का चौड़ीकरण होगा और नए पुल-पुलिए बनेंगे। इसके साथ ही जिला अस्पताल में 4.50 करोड़ की लागत से नई सीटी स्कैन मशीन चालू की गई है। अब एक्सीडेंट, ट्यूमर या स्ट्रोक के मरीजों को जांच के लिए भागकर अंबिकापुर नहीं जाना पड़ेगा। जल जीवन मिशन के तहत खैरा, शिवनगर, कर्री और सिंघरा गांव के घरों में अब सीधे नल से साफ पानी पहुंचेगा।

जब मुख्यमंत्री ने बच्ची को खीर खिलाकर रखा नाम ‘साक्षी’

सरकारी घोषणाओं के बीच मुख्यमंत्री का एक बेहद आत्मीय और पारिवारिक रूप भी देखने को मिला। सीएम साय स्थानीय निवासी मनोज सिंह के घर पहुंचे और उनकी छोटी बच्ची के अन्नप्राशन संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने बच्ची को अपनी गोद में उठाया, बड़े प्यार से खीर खिलाई और उसका नाम ‘साक्षी’ रखा। इस पल ने पूरे माहौल को खुशनुमा बना दिया।

‘आलू चिप्स का नाम सुनकर मुंह में पानी आ गया’

शिविर में जब साधना महिला स्व-सहायता समूह की दीदियों ने बताया कि वे आलू चिप्स बनाकर अब तक पौने दो लाख रुपये कमा चुकी हैं, तो सीएम ने मुस्कुराते हुए कहा, “आलू चिप्स का नाम सुनकर ही मुंह में पानी आ रहा है।” उन्होंने महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि अब आपको ‘लखपति दीदी’ से ‘करोड़पति दीदी’ बनना है। इसके बाद सीएम पटना इलाके के जंगल में महुआ पेड़ के नीचे तेंदूपत्ता बीनने वाले आदिवासियों के बीच बैठे और उनके साथ चौपाल लगाकर राशन-पानी की दिक्कतों को जाना।

दिव्यांग रोशनी को मिली व्हीलचेयर, मां की आंखों में आए खुशी के आंसू

कार्यक्रम में सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब दिखा जब मुख्यमंत्री ने सरईपारा की 17 साल की दिव्यांग बेटी रोशनी को अपने हाथों से व्हीलचेयर सौंपी। रोशनी इतनी कमजोर है कि उसकी मां अनीता कुर्रे उसे हमेशा अपनी गोद में उठाकर चला करती थीं। जैसे ही रोशनी को व्हीलचेयर मिली, उसकी मां की आंखों से राहत के आंसू छलक पड़े। मुख्यमंत्री ने इस गरीब परिवार की परेशानी सुनकर मौके पर ही आर्थिक मदद की मंजूरी भी दी। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि जनता के बीच आकर काम करने से उन्हें एक नई ऊर्जा मिलती है।

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