राजेश गुप्ता, कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। बैकुण्ठपुर थाना क्षेत्र के जिल्दा सहकारी समिति में लाखों रुपये का खाद घोटाला उजागर हुआ है। सरकारी रिकॉर्ड और गोदाम के स्टॉक में भारी गड़बड़ी मिलने के बाद समिति प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

जनसमस्या निवारण शिविर से खुला घोटाले का राज
यह पूरा मामला एक शिकायत के बाद सामने आया। जिल्दा गांव के रहने वाले रामप्रताप साहू ने जनसमस्या निवारण शिविर में आवेदन दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति में किसानों के लिए आई रासायनिक खाद को बिचौलियों को औने-पौने दाम में बेच दिया गया है। इसकी वजह से असली किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही थी।
शिकायत मिलते ही प्रशासन एक्शन में आया। 13 मई को कृषि विभाग की उर्वरक निरीक्षक श्रीमती पुष्पा ठाकुर, नायब तहसीलदार और सहकारिता विभाग की टीम ने गोदाम का औचक निरीक्षण किया।
ऑनलाइन रिकॉर्ड में था स्टॉक, गोदाम मिला खाली
जब टीम ने स्टॉक का मिलान किया, तो अधिकारी भी हैरान रह गए:
- ऑनलाइन रिकॉर्ड के मुताबिक स्टॉक: 431.55 मीट्रिक टन
- गोदाम में असल में मिली खाद: मात्र 184.80 मीट्रिक टन
- गायब खाद की मात्रा: 246.75 मीट्रिक टन
गोदाम से करीब 68 लाख रुपये की यूरिया, डीएपी (DAP), एमओपी, एनपीके और एसएसपी खाद गायब थी। जांच में साफ हो गया कि इस खाद को नियमों को ताक पर रखकर अवैध तरीके से बेच दिया गया था।
सस्पेंड प्रबंधक पर केस दर्ज, पुलिस जांच शुरू
कलेक्टर के कड़े निर्देश के बाद जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के नोडल अधिकारी के.पी. मिश्रा ने बैकुण्ठपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने निलंबित समिति प्रबंधक अखिलचन्द के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस घोटाले में और कौन-कौन से बिचौलिए शामिल थे।