अनूप वर्मा, ;चरामा। नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 13 में होने वाले पार्षद उपचुनाव का सियासी समीकरण अब पूरी तरह बदल गया है। निर्दलीय प्रत्याशी नारान्तक सिन्हा द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद चुनाव अब भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी लड़ाई में बदल गया है। इससे वार्ड का राजनीतिक माहौल और गरमा गया है।
‘मैं शुरू से कांग्रेसी हूं’, बोले नारान्तक सिन्हा
नाम वापसी के बाद नारान्तक सिन्हा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह शुरू से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता रहे हैं और वर्तमान में बूथ अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के बहकावे में आकर उन्होंने नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अपनी ही पार्टी और कांग्रेस प्रत्याशी मोहित नायक के खिलाफ चुनाव नहीं लड़ सकते।
सिन्हा ने कहा कि मोहित नायक उनके बड़े भाई जैसे हैं और पार्टी के खिलाफ जाकर चुनाव लड़ने का सवाल ही नहीं उठता। उनके इस बयान के बाद कांग्रेस खेमे में उत्साह का माहौल है।
त्रिकोणीय मुकाबला अब हुआ सीधा
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, नारान्तक सिन्हा के मैदान में रहने तक मुकाबला त्रिकोणीय माना जा रहा था। इससे वोट बंटने की संभावना भी जताई जा रही थी। लेकिन अब नाम वापसी के बाद पूरा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला बन गया है।
दोनों दलों ने झोंकी ताकत
वार्ड क्रमांक 13 अब दोनों प्रमुख दलों के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। भाजपा जहां इस सीट पर जीत दर्ज कर नगर पंचायत में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, वहीं कांग्रेस अपने पारंपरिक वोट बैंक को बचाने में जुट गई है।
दोनों पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता लगातार वार्ड में सक्रिय हैं। घर-घर संपर्क और जनसंपर्क अभियान तेज कर दिए गए हैं। माना जा रहा है कि इस बार एक-एक वोट अहम साबित हो सकता है।
नाम वापसी के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष बसंत यादव, ब्लॉक अध्यक्ष हिरवेंद्र साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष भुनेश्वर नागराज, पार्षद रानू सेन, कांग्रेस प्रत्याशी मोहित नायक, महेंद्र नायक और नारान्तक सिन्हा मौजूद रहे।