HOPE कोचिंग सेंटर के समर कैम्प में बच्चों ने खेल-खेल में सीखे हुनर, संस्कार और रचनात्मकता के नए रंग।बच्चों ने माता-पिता के लिए अपने हाथों से बनाए खास कार्ड, समापन समारोह में उपहार देकर बढ़ाया गया उनका उत्साह।
गरियाबंद। शहर के Hope Coaching Center में आयोजित समर कैम्प बच्चों के लिए यादगार और ज्ञानवर्धक साबित हुआ। पूरे कैम्प के दौरान बच्चों ने न सिर्फ नई-नई गतिविधियों में हिस्सा लिया, बल्कि खेल-खेल में शिक्षा, संस्कार और रचनात्मकता का भी बेहतरीन अनुभव हासिल किया।
समर कैम्प में बच्चों को आउट बॉन्ड एक्टिविटी, आर्ट एंड क्राफ्ट, पेपर आर्ट, एजुकेशनल गेम, एक्शन सॉन्ग, बबल राइटिंग, फेस पेंटिंग, कैलिग्राफी, प्लांटेशन, बेसिक फर्स्ट ऐड, फायरलेस कुकिंग और फैंसी ड्रेस जैसी कई रोचक गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया गया। बच्चों ने पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ हर गतिविधि में हिस्सा लिया।
कैम्प के दौरान बच्चों को सिर्फ पढ़ाई और मनोरंजन तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उन्हें अच्छे संस्कारों की सीख भी दी गई। बच्चों को बड़ों का सम्मान करना, माता-पिता का आदर करना, जरूरतमंदों की मदद करना और व्यक्तिगत साफ-सफाई बनाए रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।
मदर्स डे के अवसर पर बच्चों ने अपनी माताओं के लिए अपने हाथों से सुंदर कार्ड तैयार किए, जिसने पूरे कार्यक्रम को भावुक और खास बना दिया। बच्चों की रचनात्मकता और मासूमियत ने सभी का दिल जीत लिया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर बच्चों को स्वल्पाहार और आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान शिक्षिका ज्योति सचिन ने कहा कि समर कैम्प का उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को बाहर लाना और उन्हें संस्कारों के साथ आत्मविश्वासी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों को किताबों के साथ व्यवहारिक ज्ञान और सामाजिक मूल्यों की शिक्षा देना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि बच्चों ने जिस उत्साह और लगन के साथ हर गतिविधि में हिस्सा लिया, वह बेहद प्रेरणादायक रहा। ऐसे आयोजन बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।