बड़े भाई ने देहदान कर की देश की सेवा, छोटे भाई ने 17 वर्ष भारतीय सेना में रहकर की देश की सेवा

​मानवता की मिसाल: छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के संगठन सचिव ओमप्रकाश साहू ने किया देहदान का फैसला, चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर में पूरी की प्रक्रिया
​जनधारा संवाददाता (अनुप वर्मा), चारामा | 18 मई 2026
​चारामा। समाज सेवा के क्षेत्र में अग्रणी रहने वाले ग्राम गोलकुम्हड़ा निवासी ओमप्रकाश साहू ने मानवता और देश हित में एक अनुकरणीय और ऐतिहासिक फैसला लिया है। पिछड़ा वर्ग कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के प्रदेश संगठन सचिव ओमप्रकाश साहू ने शासकीय जिला चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) कांकेर पहुंचकर सपरिवार देहदान (अंगदान) की घोषणा की और इससे संबंधित सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी कीं। उनके इस बड़े कदम से समाज में देहदान के प्रति एक नई जागरूकता का संचार हुआ है।


मेरे जाने के बाद भी किसी के जीवन में खुशहाली आए, इससे बड़ा सौभाग्य क्या होगा” — ओमप्रकाश साहू
​इस पुनीत कार्य को पूरा करने के बाद अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए ओमप्रकाश साहू ने भावुक और प्रेरक संदेश दिया। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा:
​”आज मेडिकल कॉलेज में देहदान का संकल्प पत्र भरकर मुझे आत्मिक शांति और बेहद खुशी हो रही है। दुनिया में कई ऐसे लोग हैं जो किसी न किसी अंग की कमी के कारण कष्टमय जीवन जीने को मजबूर हैं। अगर हमारे जाने के बाद हमारे शरीर का कोई भी अंग किसी जरूरतमंद के काम आ जाए और उसके जीवन में खुशहाली ला सके, तो एक इंसान के रूप में हमारा जीवन धन्य हो जाएगा। मैं समस्त आम जनमानस और समाज के लोगों से अपील करना चाहूंगा कि वे भी देहदान और अंगदान के लिए आगे आएं, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियों को चिकित्सा अनुसंधान में मदद मिले और अनगिनत लोगों को नया जीवन मिल सके।”
​परिवार की मौजूदगी में पूरी हुई प्रक्रिया, छोटे भाई पूर्व सैनिक रवि साहू बने गवाह
​देहदान की इस प्रक्रिया के दौरान श्री ओमप्रकाश साहू के साथ उनकी पत्नी श्रीमती ज्योति साहू, सुपुत्र प्रवीण साहू और सुपुत्री जानवी साहू उपस्थित रहे। इस दौरान उनके छोटे भाई और भारतीय थल सेना में 17 वर्षों तक देश की सेवा करने वाले पूर्व सैनिक व पूर्व जिला अध्यक्ष (सैनिक संगठन कांकेर) श्री रवि कुमार साहू भी मौजूद रहे।
​सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कर गवाह बनने के बाद गर्व महसूस करते हुए पूर्व सैनिक रवि साहू ने कहा:
​”आज के समय में देहदान से बड़ा कोई दान नहीं हो सकता। मेरे बड़े भाई ने समाज और देश हित में यह बहुत बड़ा फैसला लिया है। एक भाई होने के नाते मुझे गर्व है कि हमारे परिवार में एक तरफ जहां सैनिक के रूप में देश सेवा का संघर्ष है, वहीं दूसरी तरफ समाज हित में देह का संपूर्ण समर्पण है। भैया के इस फैसले से भविष्य में कई डॉक्टर रिसर्च कर चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ेंगे और अनगिनत लोगों की जिंदगी अंधेरे से उजाले की ओर तब्दील होगी।”
​🩺 चिकित्सा अनुसंधान और जीवन बचाने में मददगार होगा फैसला
​डॉक्टरों के अनुसार, देहदान के माध्यम से प्राप्त शरीर और अंग (जैसे आंखें, किडनी, लिवर आदि) भविष्य में जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन देने के काम आते हैं। साथ ही, मेडिकल कॉलेज के छात्र इन पर रिसर्च करके चिकित्सा विज्ञान की बारीकियां सीखते हैं, जिससे देश को बेहतर और कुशल डॉक्टर मिलते हैं। श्री ओमप्रकाश साहू का यह समर्पण सीधे तौर पर देश के चिकित्सा क्षेत्र और मानव कल्याण को समर्पित है।
​💐 सामाजिक प्रमुखों ने व्यक्त किया आभार, दीं शुभकामनाएं
​श्री ओमप्रकाश साहू द्वारा समाज और राष्ट्र के प्रति दिखाए गए इस अनुकरणीय सेवाभाव की चारों ओर सराहना हो रही है। उनके इस फैसले पर समाज के वरिष्ठ प्रमुखों ने उन्हें बधाई देते हुए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं, जिनमें मुख्य रूप से डॉ. नीरेंद्र साहू,​बंशीलाल साहू,टी.आर. साहू,​रघुनंदन साहू,,राजेश साहू,​धन्नू राम साहू ​योगेन्द्र साहू,​भागीराम, बोधन साहू,​संतु सार्वा,​धर्मेन्द्र कुमार
​टीकम साहू,​सोहन लाल
​रोशन साहू और विष्णु साह सहित अनेक गणमान्य नागरिको ने बधाई दी है।

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