बेमेतरा। जिला कलेक्ट्रेट परिसर में गुरुवार की देर शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एसडीएम प्रकाश भारद्वाज के दफ्तर की फॉल सीलिंग अचानक ताश के पत्तों की तरह नीचे आ गिरी। गनीमत यह रही कि हादसा दफ्तर बंद होने के बाद हुआ, वरना कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। घटना के बाद से ही कलेक्ट्रेट के कर्मचारियों में डर का माहौल है।
दफ्तर खाली था, इसलिए टल गया बड़ा हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार देर शाम की है। दिन भर की भागदौड़ के बाद अधिकारी और कर्मचारी अपने-अपने घर लौट चुके थे। इसी बीच अचानक एसडीएम चैंबर के भीतर की पूरी फॉल सीलिंग भरभराकर मलबे में तब्दील हो गई।
जब कुछ देर बाद दफ्तर के चौकीदार और अन्य कर्मचारी वहां पहुंचे, तो अंदर का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए। पूरा कमरा मलबे से पटा हुआ था। राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि उस वक्त कमरे में न तो खुद एसडीएम साहब मौजूद थे और न ही कोई फरियादी, जिससे किसी की जान को खतरा नहीं हुआ।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के काम पर उठे गंभीर सवाल
इस हादसे ने सरकारी निर्माण कार्यों की पोल खोलकर रख दी है। बताया जा रहा है कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने हाल ही में इस दफ्तर का रिनोवेशन (जीर्णोद्धार) कराया था। अभी काम खत्म हुए कुछ ही दिन बीते थे कि सीलिंग नीचे आ गिरी।
अब कलेक्ट्रेट परिसर में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि आखिर सरकारी पैसों का कैसा इस्तेमाल किया जा रहा है? बिना किसी आंधी या तूफान के नई नवेली सीलिंग का गिरना साफ तौर पर घटिया निर्माण और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर यह हादसा दोपहर के वक्त होता, तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते थे।
फिलहाल, कलेक्ट्रेट के आला अधिकारी मामले की जांच की बात कह रहे हैं। जिम्मेदार ठेकेदार और एजेंसी पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।