नेशनल लोक अदालत में निराकरण हुए हजारों प्रकरण, 7-8 वर्षों से बिछड़ा परिवार फिर हुआ एकजुट

अम्बिकापुर 10 मई 2026/ राष्ट्र विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार तथा माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सरगुजा अंबिकापुर के मार्गदर्शन में 09 मई 2026 को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय अंबिकापुर अंतर्गत सभी न्यायालयों में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया।
आयोजित नेशनल लोक अदालत के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय तथा सीतापुर न्यायालय में लगभग साढ़े तीन हजार लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया। वहीं राजस्व न्यायालयों में तेरह हजार से अधिक प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण हुआ। किशोर न्याय बोर्ड के 07 एवं परिवार न्यायालय के 18 प्रकरणों का आपसी राजीनामा के आधार पर निपटारा किया गया। इसके अतिरिक्त प्री-लिटिगेशन मामलों का भी आपसी सहमति से निराकरण किया गया।
नेशनल लोक अदालत के दौरान परिवार न्यायालय सरगुजा के समक्ष लंबित एक विशेष प्रकरण में भावनात्मक और प्रेरणादायक परिणाम सामने आया। सामाजिक रीति-रिवाज से विवाह कर चुके दम्पत्ति, जिनकी तीन संतानें हैं, आपसी मतभेदों के कारण पिछले 7-8 वर्षों से अलग-अलग रह रहे थे तथा परिवार न्यायालय में विवाह विच्छेद (तलाक) का प्रकरण लंबित था।
नेशनल लोक अदालत के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच आपसी संवाद एवं समझाइश के बाद मतभेद समाप्त हुए और दम्पत्ति ने पुनः साथ रहकर दाम्पत्य जीवन निर्वहन करने की सहमति व्यक्त की। दोनों ने खुशी-खुशी अपने विवाह विच्छेद प्रकरण का आपसी सहमति से निराकरण कराया।
इस प्रकार नेशनल लोक अदालत केवल प्रकरणों के त्वरित निराकरण का माध्यम ही नहीं बनी, बल्कि एक बिखरे परिवार को पुनः जोड़कर उनके जीवन में खुशियां लौटाने का संवेदनशील एवं प्रेरणादायक उदाहरण भी प्रस्तुत किया।

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