रायपुर।
छत्तीसगढ़ के सभी जिला और व्यवहार न्यायालयों में आज, 9 मई 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर द्वारा आयोजित यह इस वर्ष की दूसरी लोक अदालत है। इसका मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का आपसी सुलह और राजीनामे के जरिए त्वरित निराकरण करना है ताकि पक्षकारों को सुलभ न्याय मिल सके।
इस लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों की सुनवाई के लिए विशेष खंडपीठों का गठन किया गया है। इसमें चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद, श्रम विवाद और बिजली-पानी बिल से जुड़े प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया जाएगा। इसके अलावा राजस्व संबंधी प्रकरण जैसे खातों का आपसी बंटवारा, वारिसों के बीच संपत्ति का विभाजन और नामांतरण के मामलों को भी आपसी सहमति से सुलझाया जाएगा।
लोक अदालत में भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत शमनीय अपराध, ट्रैफिक चालान, नगर निगम के संपत्ति कर वसूली और दूरसंचार विभाग से जुड़े मामलों पर भी विचार होगा। रेंट कंट्रोल एक्ट और वसीयतनामा के आधार पर लंबित प्रकरणों को भी चिन्हांकित किया गया है। जो पक्षकार लंबे समय से अदालती कार्यवाही से परेशान हैं, उनके लिए यह अपने विवाद को बिना किसी कटुता के समाप्त करने का एक बेहतरीन अवसर है।
आम नागरिक अपने लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए संबंधित न्यायालय या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं। लोक अदालत के माध्यम से होने वाले निपटारे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है और इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है।