मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना से सजे 43 नए घर-आंगन: राजमोहनी भवन में मंत्री राजेश अग्रवाल ने दिया नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद

अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार समाज के हर वर्ग के कल्याण, सामाजिक समरसता और महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर संवेदनशीलता एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में आज अंबिकापुर स्थित राजमोहनी भवन में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत भव्य सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल शामिल हुए और 43 नवविवाहित जोड़ों को सुखद दाम्पत्य जीवन की शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद प्रदान किया। समारोह में पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चार और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच विवाह की सभी रस्में संपन्न हुईं।

मंत्रोच्चार, फेरे, सिंदूरदान और वरमाला की रस्मों के साथ नवदम्पत्तियों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। शहनाइयों की गूंज, बैंड-बाजों की मधुर धुन और पुष्प वर्षा के बीच पूरा परिसर उल्लास और आत्मीयता से सराबोर दिखाई दिया। विवाह समारोह में बड़ी संख्या में परिजन, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

बेटियों के सम्मान और सामाजिक सुरक्षा के प्रति संवेदनशील है साय सरकार: राजेश अग्रवाल

इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल एक शासकीय योजना नहीं, बल्कि बेटियों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के प्रति सरकार की संवेदनशील सोच का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी भी परिवार की खुशियों में बाधा न बने।

अग्रवाल ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसी योजनाएं सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने, अनावश्यक खर्चों को कम करने तथा समाज में समानता, सद्भाव और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने नवविवाहित जोड़ों को संबोधित करते हुए कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों और संस्कृतियों का पवित्र मिलन होता है। आपसी विश्वास, प्रेम, सम्मान और सहयोग ही सफल वैवाहिक जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है।

नए जीवन के लिए आर्थिक सहायता और घरेलू सामग्री

उन्होंने सभी नवदम्पत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ईश्वर सभी के जीवन को सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और पारिवारिक सौहार्द से परिपूर्ण करे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण, बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है, जिनका लाभ प्रदेश के लाखों परिवारों को मिल रहा है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराया जा रहा है।

योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे अपने नए जीवन की शुरुआत आत्मसम्मान और मजबूती के साथ कर सकें। इसके अतिरिक्त नवदम्पत्तियों को आवश्यक घरेलू सामग्री भी उपलब्ध कराई जाती है, ताकि उन्हें गृहस्थ जीवन की शुरुआत में सहूलियत मिल सके। यह योजना समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

प्रदेशभर में 2188 जोड़े बंधे विवाह बंधन में

प्रदेशभर में आज आयोजित सामूहिक विवाह समारोहों में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता की अनूठी झलक देखने को मिली। राज्य स्तर पर प्राप्त आंकड़ों के अनुसार विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में 8 मई को कुल 2188 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। यह प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी सोच और सामाजिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण है।

अंबिकापुर में आयोजित इस गरिमामय समारोह में नवदम्पत्तियों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी और संतोष स्पष्ट झलक रहा था। बेटियों की विदाई के दौरान कई परिजनों की आंखें भावुक हो उठीं। उपस्थित लोगों ने शासन-प्रशासन द्वारा किए गए सुव्यवस्थित आयोजन की सराहना की। समारोह के अंत में मंत्री राजेश अग्रवाल ने सभी नवविवाहित जोड़ों को शुभाशीष प्रदान करते हुए उनके सुखमय, समृद्ध और सफल वैवाहिक जीवन की मंगलकामनाएं की।

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