रमेश गुप्ता रायपुर..छत्तीसगढ़ में जारी आईएएस तबादला सूची के महज 48 घंटे के भीतर बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। पहले जारी आदेश में पुष्पा साहू को कोरिया जिला का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया था, लेकिन जॉइनिंग से पहले ही सरकार ने आदेश में संशोधन कर दिया। अब 2016 बैच की आईएएस अधिकारी रोक्तिमा यादव को कोरिया जिले की नई कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
6 मई को जारी हुआ था पहला आदेश
राज्य सरकार ने 6 मई को बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल करते हुए कई आईएएस अधिकारियों की नई पदस्थापना की थी। इसी सूची में पुष्पा साहू को कोरिया कलेक्टर बनाया गया था। हालांकि आदेश जारी होने के दो दिन के भीतर ही उसमें संशोधन कर दिया गया और उन्हें पुनः सचिव, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के पद पर पदस्थ कर दिया गया।
मंत्रालय और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज
इतनी कम अवधि में आदेश बदलने की घटना ने मंत्रालय और प्रशासनिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। शुक्रवार भर इस बदलाव को लेकर अलग-अलग कयास लगाए जाते रहे। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया और विभागीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए किया गया है।
रोक्तिमा यादव को मिली अहम जिम्मेदारी
संशोधित आदेश के अनुसार अब रोक्तिमा यादव को कोरिया जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि आदेश में तेजी से बदलाव करते हुए संबंधित विभागों और जिला प्रशासन को तत्काल इसकी जानकारी भेज दी गई। देर शाम तक कोरिया प्रशासन को संशोधित आदेश की प्रति भी प्राप्त हो गई थी।
रीता यादव को मिला RUSA का प्रभार
प्रशासनिक फेरबदल के इसी क्रम में रीता यादव को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) का प्रबंध संचालक नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में शिक्षा और प्रशासनिक विभागों में कुछ और बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
शिक्षा विभाग में भी बढ़ी हलचल
पुष्पा साहू को फिर से माध्यमिक शिक्षा मंडल भेजे जाने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक बोर्ड से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों और लंबित व्यवस्थाओं को देखते हुए सरकार ने उन्हें दोबारा उसी जिम्मेदारी में बनाए रखने का फैसला लिया है।
लगातार हो रहे प्रशासनिक फेरबदल
छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रशासनिक स्तर पर फेरबदल जारी हैं। मंत्रालय स्तर पर कई विभागों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली जा रही हैं, वहीं जिलों में भी नई पोस्टिंग की जा रही है। हालांकि 48 घंटे के भीतर आदेश बदलने का मामला प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है और इसे लेकर चर्चाएं लगातार जारी हैं।

