मुंबई के पायधुनी इलाके में तरबूज खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। विसरा रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों के शरीर में जिंक फॉस्फाइड नामक घातक रसायन पाया गया है। यह केमिकल मुख्य रूप से चूहे मारने की दवा बनाने में इस्तेमाल किया जाता है।

यह घटना 26 अप्रैल को भिंडी बाजार इलाके में हुई थी, जहां 40 वर्षीय अब्दुल्ला दोकाडिया, उनकी पत्नी नसरीन और दो बेटियों आयशा व जैनब की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई थी। परिवार ने मौत से पहले रात के खाने में बिरयानी और फिर तरबूज का सेवन किया था। इसके तुरंत बाद सभी को उल्टियां शुरू हो गईं और अस्पताल ले जाते समय या इलाज के दौरान उनकी जान चली गई।
शुरुआती जांच में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन को खाने में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था, लेकिन विसरा जांच ने मामले की दिशा बदल दी है। रिपोर्ट से यह साफ हो गया है कि मौत तरबूज के जरिए शरीर में पहुंचे जहर से हुई है। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि तरबूज के भीतर चूहे मारने वाली दवा का यह अंश कैसे पहुंचा।
पायधुनी पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब तक की जांच में किसी भी तरह की आपराधिक साजिश या बाहरी व्यक्ति की संलिप्तता का प्रमाण नहीं मिला है। 11 दिनों की लंबी जांच और लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हुआ है कि मौत का कारण जिंक फॉस्फाइड है। पुलिस अब फल विक्रेता और स्टोरेज की परिस्थितियों की जांच कर रही है ताकि जहर के स्रोत का पता लगाया जा सके।