रमेश गुप्ता भिलाई । नेवई थाना क्षेत्र में पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड के जरिए चल रहे संगठित धोखाधड़ी नेटवर्क का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह लोगों के नाम पर सिम कार्ड लेकर उन्हें कमीशन के आधार पर आगे बेचता था और इनका उपयोग अवैध आर्थिक लेन-देन में किया जाता था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, रिसाली बस्ती निवासी 19 वर्षीय युवक आयुष ताम्रकार ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके परिचित ने विश्वास में लेकर उसके नाम से सिम कार्ड जारी कराया और उसे वापस नहीं किया। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी टी. भार्गव राव युवक को मोबाइल दुकान ले गया और उसके नाम पर सिम निकलवाकर खुद रख लिया।
इसके बाद उस सिम को क्रमवार अधिक कीमत पर अन्य आरोपियों को बेच दिया गया। इस तरह एक पूरा नेटवर्क तैयार कर सिम कार्ड के जरिए अवैध ट्रांजेक्शन किए जा रहे थे। मामले में अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के अंतर्गत केस दर्ज किया गया।
पुलिस ने तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए टी. भार्गव राव, ज्ञानेश मंडावी, हर्षित साहू और दीपक प्रजापति को 4 मई 2026 को गिरफ्तार किया। वहीं एक अन्य आरोपी फैजान कुरैशी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराकर उन्हें कमीशन पर बेचते थे। इन सिम कार्ड का इस्तेमाल संदिग्ध और अवैध वित्तीय गतिविधियों में किया जा रहा था।
पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
इस कार्रवाई में नेवई थाना के उप निरीक्षक सुरेंद्र तारम सहित पुलिस टीम और एसीसीयू भिलाई की अहम भूमिका रही।
फर्जी सिम रैकेट का पर्दाफाश: 4 आरोपी गिरफ्तार, अवैध लेन-देन का खुलासा..

05
May