बिलासपुर। ‘सही दवा शुद्ध आहार’ अभियान के तहत खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने जिले में बड़ी कार्रवाई की है। सहायक औषधि नियंत्रक के नेतृत्व में औषधि निरीक्षकों की तीन अलग-अलग टीमों ने बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों में दबिश दी। इस दौरान कुल 7 थोक औषधि विक्रेताओं और 1 शासकीय अस्पताल के वैक्सीन स्टोर का सघन निरीक्षण किया गया।
नारकोटिक दवाओं के दस्तावेजों की हुई पड़ताल निरीक्षण टीम ने शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र तेलीपारा और रेलवे सेंट्रल अस्पताल बिलासपुर में दवाओं के रखरखाव और रिकॉर्ड की जांच की। टीम ने विशेष रूप से नारकोटिक (नशीली) औषधियों के क्रय-विक्रय से संबंधित दस्तावेजों को खंगाला। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इन दवाओं का उपयोग केवल चिकित्सकीय कार्यों के लिए हो और किसी भी प्रकार की अवैध बिक्री या अनियमितता न हो।
वैक्सीन स्टोर और कोल्ड रूम की जांच दवाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए रेलवे सेंट्रल अस्पताल के वैक्सीन स्टोर का भी मुआयना किया गया। टीम ने यहां जीवन रक्षक टीकों (वैक्सीन) को उचित तापमान में सुरक्षित रखने के लिए इस्तेमाल होने वाले आई.एल.आर. (ILR) और कोल्ड रूम की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दवाओं और टीकों की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए निर्धारित तापमान का पालन करना अनिवार्य है। विभाग की इस औचक कार्रवाई से औषधि विक्रेताओं में हड़कंप का माहौल रहा।