राजा खान/प्रतापपुर-जिले में गिरते जलस्तर को बढ़ाने और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद पंचायत प्रतापपुर में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। कलेक्टर एस. जयवर्धन और जिला पंचायत सीईओ विजेन्द्र पाटले के निर्देशानुसार एवं जनपद पंचायत प्रतापपुर के सीईओ अनिल तिवारी के मार्गदर्शन में पूरे ब्लॉक में व्यापक स्तर पर “जल संरक्षण महाअभियान” चलाया गया।
इस अभियान के तहत प्रतापपुर जनपद अंतर्गत आने वाली 101 ग्राम पंचायतों में एक ही दिन में लगभग 20,000 सोखता गड्ढों का निर्माण किया गया। यह अभियान न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि जनभागीदारी का भी एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर सामने आया।
ग्रामीणों ने इस महाअभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बड़े पैमाने पर श्रमदान किया। गांव-गांव में सुबह से ही लोग फावड़ा, गैंती और अन्य उपकरण लेकर अपने- अपने घरों के सामने जल संरक्षण के इस कार्य में जुट गए। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।
प्रशासन का कहना है कि सोखता गड्ढों के निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण होगा, जिससे भू-जल स्तर में सुधार आएगा और आने वाले समय में जल संकट से काफी हद तक राहत मिलेगी। यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
सीईओ अनिल तिवारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से स्थायी समाधान तैयार करना है। उन्होंने सभी ग्रामवासियों के उत्साह और सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे।
ग्रामीणों ने भी इस पहल को सराहते हुए कहा कि जल ही जीवन है और इस तरह के अभियानों से आने वाली पीढ़ियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इस महाअभियान ने प्रतापपुर ब्लॉक को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक नई पहचान दी है और यह अन्य क्षेत्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। इस दौरान कार्यक्रम अधिकारी निर्मल श्याम, आवास समन्वयक, तकनीकी सहायक,पंचायत के सरपंच,सचिव, पंच, और ग्रामीण उपस्थित थे।
जनभागीदारी से बना इतिहास: प्रतापपुर में जल संरक्षण का महाअभियान एक दिन में खोदे गए 20,000 सोखता गड्ढे

01
May