खाकी की आड़ में ‘काली कमाई’ का खेल?

मामला दुर्गुकोंदल परिक्षेत्र में लकड़ी तस्करी सिंडिकेट का

भानुप्रतापपुर। पूर्व वन मंडल भानुप्रतापपुर के अंतर्गत आने वाले दुर्गुकोंदल परिक्षेत्र में वन विभाग के कुछ कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित ऑडियो-वीडियो के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और जांच की प्रतीक्षा है।

होटल में कथित ‘डील’ का वीडियो वायरल

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में भानुप्रतापपुर के एक होटल में विभाग से जुड़े कर्मचारियों और एक ठेकेदार के बीच कथित बैठक हुई। वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि—
लकड़ी कटाई और परिवहन को लेकर अवैध सौदेबाजी हुई
प्रति वाहन रकम तय करने की चर्चा सामने आई
कुछ कर्मचारियों की मौजूदगी में दस्तावेज तैयार करने की बात कही जा रही है
इस पूरे मामले में एक कंप्यूटर ऑपरेटर का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है, जिसे आरोपों के अनुसार इस नेटवर्क का संचालक बताया जा रहा है।

फर्जी दस्तावेजों के सहारे कटाई के आरोप

स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक—
किसानों के नाम पर लकड़ी के फर्जी कागजात तैयार किए जाते हैं
असल में जंगलों से कीमती पेड़ों की कटाई की जाती है
विभागीय स्तर पर कथित मिलीभगत से परिवहन को क्लियरेंस मिलता है
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि यदि कोई वाहन पकड़ा जाता है, तो कथित दबाव के चलते उसे छोड़ दिया जाता है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

“रक्षक ही भक्षक” — विभाग की साख पर सवाल
यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर सकता है। वन संरक्षण जैसे संवेदनशील विषय में इस तरह के आरोप चिंताजनक माने जा रहे हैं।

अब आगे क्या?
मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच चुका है। अब सभी की नजर इस पर है कि—
क्या निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी?
क्या दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी?

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