कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे और निर्णायक चरण के लिए आज मतदान हो रहा है। राज्य की कुल 294 सीटों में से आज 142 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं, जो सत्ता की चाबी का फैसला करेंगे। इस चरण में 3.21 करोड़ मतदाता 1448 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद करेंगे। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के लिहाज से केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की हैं, जिसमें अकेले कोलकाता में ही 273 कंपनियां मोर्चा संभाले हुए हैं।
भवानीपुर बनी प्रतिष्ठा की सीट: ‘दीदी’ बनाम ‘दादा’
दूसरे चरण की सबसे हाई-प्रोफाइल सीट कोलकाता की भवानीपुर है। यहाँ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और बीजेपी के कद्दावर नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा मुकाबला है। 2021 में नंदीग्राम की हार के बाद, सुवेंदु अब ममता बनर्जी के अपने ही गढ़ में उन्हें चुनौती दे रहे हैं। बीजेपी यहाँ ‘अजेय ममता’ के मिथक को तोड़ने की कोशिश में है, जबकि टीएमसी के लिए यह अपनी राजनीतिक साख बचाने की लड़ाई है।
टीएमसी के गढ़ में बीजेपी की सेंधमारी की कोशिश
आज जिन 142 सीटों पर वोटिंग हो रही है, उनमें कोलकाता, हावड़ा, उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पूर्वी बर्धमान जैसे जिले शामिल हैं। 2021 के चुनाव में इन क्षेत्रों में टीएमसी ने एकतरफा जीत हासिल की थी।
2021 का गणित: टीएमसी ने 123, बीजेपी ने 18 और आईएसएफ ने 1 सीट जीती थी।
रणनीति: बीजेपी इस बार दक्षिण बंगाल के इन मजबूत किलों में सेंध लगाकर सत्ता तक पहुँचने का रास्ता तलाश रही है।
इन दिग्गजों की साख दांव पर
मैदान में सिर्फ ममता और सुवेंदु ही नहीं, बल्कि कई अन्य बड़े चेहरे भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं:
कोलकाता पोर्ट: टीएमसी के वरिष्ठ नेता फिरहाद हकीम का मुकाबला बीजेपी के राकेश सिंह से है।
दमदम: टीएमसी के ब्रत्य बसु और चंद्रिमा भट्टाचार्य (दमदम उत्तर) पर अपनी सीटें बचाने का दबाव है।
जादवपुर और बालीगंज: यहाँ भी मुकाबला बेहद त्रिकोणीय और दिलचस्प बना हुआ है।
संदेशखाली और हिंगलगंज: हालिया विवादों के कारण इन सीटों पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और तकनीक का पहरा
हिंसा के इतिहास को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं।
वेबकास्टिंग: सभी 41,001 पोलिंग स्टेशनों पर लाइव वेबकास्टिंग की जा रही है।
ड्रोन सर्विलांस: संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
पर्यवेक्षक: चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 142 जनरल ऑब्जर्वर और 95 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात हैं।
आज का मतदान यह तय कर देगा कि बंगाल में ‘मां, माटी, मानुष’ की सरकार बरकरार रहेगी या फिर ‘सोनार बांग्ला’ के नारे के साथ बीजेपी सत्ता का परिवर्तन करेगी। शाम तक मतदाताओं का रुझान बंगाल की अगली सरकार की तस्वीर साफ कर देगा।