रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा घोटाले को लेकर Enforcement Directorate ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर, अभनपुर, धमतरी और कुरुद में 8 ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में नकदी, चांदी और अहम दस्तावेज जब्त किए गए हैं। छापेमारी में करीब 66.9 लाख रुपये नकद और 37 किलो से ज्यादा चांदी बरामद हुई है, साथ ही डिजिटल डिवाइस भी कब्जे में लिए गए हैं।
यह कार्रवाई ACB/EOW की FIR के आधार पर की गई, जिसमें जमीन अधिग्रहण मुआवजे में गड़बड़ी के आरोप सामने आए थे। जांच में तत्कालीन SDO Nirbhay Sahu समेत कई लोगों की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जो एजेंसियों के रडार पर हैं।
जमीन रिकॉर्ड में हेराफेरी कर बढ़ाया मुआवजा, जांच जारी
ED ने PMLA, 2002 के तहत 28 अप्रैल 2026 को तलाशी अभियान चलाया, जो रायपुर-विशाखापत्तनम राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर जमीन के रिकॉर्ड में हेराफेरी और फर्जीवाड़ा कर अवैध मुआवजा हासिल किया। NHAI द्वारा अधिसूचना जारी होने के बाद भी जमीन का स्वामित्व बदलकर और छोटे-छोटे टुकड़े कर मुआवजा बढ़ाया गया।
हेराफेरी किए गए खसरा रिकॉर्ड के आधार पर मुआवजा स्वीकृत कर भुगतान किया गया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। ED ने इस अतिरिक्त रकम को ‘अपराध की आय’ मानते हुए मामले में आगे की जांच तेज कर दी है।
