नई दिल्ली। देश की दिग्गज एफएमसीजी कंपनी नेस्ले इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के शानदार नतीजे पेश किए हैं। मैगी और किटकैट जैसे लोकप्रिय उत्पाद बनाने वाली इस कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू, दोनों में ही उम्मीद से कहीं अधिक उछाल देखने को मिला है। इन नतीजों का असर शेयर बाजार पर भी दिखा, जहां कंपनी के स्टॉक ने अपने 52 हफ्तों का नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया।
नतीजों में दिखा दम: 1,111 करोड़ रुपये पहुंचा मुनाफा
मार्च 2026 को समाप्त हुई तिमाही के दौरान नेस्ले इंडिया का समेकित शुद्ध मुनाफा (Consolidated Net Profit) सालाना आधार पर 27 प्रतिशत बढ़कर 1,111 करोड़ रुपये हो गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष की इसी समान अवधि में कंपनी ने 873 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था।
कमाई के मोर्चे पर भी कंपनी ने बाजार के दिग्गजों को चौंका दिया है। कंपनी का कुल रेवेन्यू 23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 6,748 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। विशेषज्ञों ने अनुमान लगाया था कि मुनाफा 926 करोड़ और रेवेन्यू 6,196 करोड़ रुपये के आसपास रहेगा, जिसे नेस्ले ने बड़े अंतर से पीछे छोड़ दिया है।
शेयरधारकों की चांदी: ₹5 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान
शानदार प्रदर्शन की खुशी कंपनी ने अपने निवेशकों के साथ भी बांटी है। नेस्ले इंडिया के बोर्ड ने प्रति शेयर 5 रुपये के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। इस लाभांश का लाभ उन निवेशकों को मिलेगा, जिनके पास 10 जुलाई 2026 (रिकॉर्ड डेट) तक कंपनी के शेयर होंगे।
मार्केटिंग पर भारी खर्च, फिर भी मार्जिन रहा मजबूत
कंपनी के चेयरमैन मनीष तिवारी ने बताया कि इस तिमाही में विज्ञापनों और ब्रांडिंग पर होने वाले खर्च में 50 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि की गई है। इस आक्रामक मार्केटिंग का सीधा असर बिक्री पर पड़ा और घरेलू बाजार से होने वाली आय 6,445 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। भारी खर्च के बावजूद कंपनी अपना एबिटा (EBITDA) मार्जिन 26.3% पर बनाए रखने में सफल रही, जो कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
बाजार में शेयर बना ‘रॉकेट’
जैसे ही नतीजे सार्वजनिक हुए, शेयर बाजार में नेस्ले इंडिया के शेयरों की खरीदारी के लिए होड़ मच गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर कंपनी का शेयर करीब 7 प्रतिशत की छलांग लगाकर 1,379.90 रुपये के स्तर पर पहुंच गया, जो कि इसका पिछले 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर है।