छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है जहां दिन के साथ-साथ रातें भी अब उष्ण लहर की चपेट में आ गई हैं। राजधानी रायपुर में सोमवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया जबकि बिलासपुर में पारा 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया जिसने पिछले कई रिकॉर्ड्स को खतरे में डाल दिया है। हालांकि दोपहर बाद आसमान में छाए बादलों ने सूरज की सीधी तपन से मामूली राहत तो दी लेकिन बढ़ती उमस ने लोगों की बेचैनी और बढ़ा दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार रायपुर में पिछले एक दशक का उच्चतम तापमान 44.4 डिग्री रहा है जिसकी ओर इस साल का पारा तेजी से बढ़ रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ और द्रोणिका का असर
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न वायु प्रणालियों के सक्रिय होने से प्रदेश के मौसम में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं जिसके चलते 21 अप्रैल को कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है। विभाग ने चेतावनी दी है कि रायपुर समेत कई जिलों में तेज अंधड़ चलने और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। हालांकि यह राहत बेहद कम समय के लिए होगी क्योंकि कल के बाद से अधिकतम तापमान में फिर से बढ़ोतरी का दौर शुरू होने वाला है। मंगलवार को राजधानी में लू चलने और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है जो रातों को और भी गर्म बनाएगा।