आज फिर न्यायालय ने दो गांजा तस्करों को 23 किलो गांजा मामले में 15-15 वर्षों के साथ अर्थदंड की कठोर सजा दी गई

0अभी तक न्यायालय द्वारा 15 से अधिक मामलों में 15-15 वर्षों की सजा 0
0 गवाहों के बयान पलटने के बावजूद पुख्ता सबूत 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली= सरायपाली न्यायालय द्वारा आज फिर दो गांजा तस्करों को 15-15 वर्षों के सश्रम कारावास व 1-1 लाख रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई । अभी तक माननीय अति. जिला एवं सत्र न्यायधीशो द्वारा लगभग 15 प्रकरणों में इस तरह की सजा सुनाई गई है ।
सरायपाली स्थित विशेष न्यायालय NPDS के विशेष न्यायाधीश श्रीमती वंदना दीपक देवागंन के द्वारा थाना सिंघोडा में दर्ज अपराध कमांक 19/2024 में आरोपी नितीन गजघाटे एवं खुशाल पांडे को 23 किलो गांजा परिवहन करने के आरोप में 15-15 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक-एक लाख रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया है । अर्थदण्ड भुगतान न करने पर अतिरिक्त एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया।

इस संबंध में विशेष लोक अभियोजक देवेंद्र शर्मा ने बताया कि घटना दिनांक 02/03/2024 की है, थाना सिंघोडा के सहायक उपनिरीक्षक को देहात पेट्रोलिंग के दौरान मुखबीर द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि एक सिल्वर कलर का टाटा इंडिका विस्टा कार क्रमांक MH 32 C 9033 में दो व्यक्ति सवार होकर उडिसा से छत्तीसगढ की ओर से मादक पदार्थ गांजा परिवहन करते आ रहे है कि हमराह स्टॉफ के जाकर NH 53 रोड रेहटीखोल में नाका बंदी कर संदेही वाहन का इंतजार कर रहे थे कुछ समय पश्चात् मुखबीर के बताये अनुसार वाहन के आने पर उसे रोका गया, जिसमें दो व्यक्ति सवार थे, पुछताछ करने पर गोल मोल जबाब देने लगे। कडाई से पुछ ताछ करने पर कार के डेसबोर्ड के अंदर खाखी टेप से टेपिंग किया हुआ गांजा रखना तथा उक्त गांजा को फुलबाडी उडिसा से नागपुर महाराष्ट्र खपाने ले जाना बताये। घटना स्थल पर सम्पूर्ण कार्यवाही करने के पश्चात् अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा प्रकरण के कुल 16 साक्षीयों में से केवल 7 महत्वपूर्ण साक्षीयों का कथन न्यायालय में दर्ज करवाया गया था, जिसमें से स्वतंत्र साक्षी भूपेन्द्र साहू, गणेशराम साहू पक्ष द्रोही हो गये थे। परन्तु पुलिस साक्षी राजेन्द्र प्रसाद सिदार, भूपति पटेल, बोधन दीवान, गिरिश कुमार भोई तथा विवेचक लक्ष्मण साहू के सुसंगत एवं अखण्डीत न्यायालयीन कथन के आधार पर अभियोजन अपने मामले को शिध्द करने में सफल रहा है, जिस पर न्यायालय द्वारा दोनो आरोपीयों को दोषसिध्द पाते हुए, वाणिज्यीयक मात्रा जैसे गंभीर अपराध के लिए कठोर दण्ड से दण्डित किया गया।

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