17 अप्रैल लोकतंत्र और देश की बहनों के लिए काला दिन- चौहान

भानुप्रतापपुर। आज फिर साबित हो गया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिलाओं के सशक्तिकरण के खिलाफ खड़े हैं।
लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए लाए गए संविधान संशोधन बिल के खिलाफ वोटिंग करके विपक्ष ने देश की करोड़ों बहनों के सपनों को तोड़ने का काम किया है।

यह सिर्फ एक बिल का गिरना नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य पर कड़ा प्रहार है।

इतिहास गवाह रहेगा कि जब देश नारी शक्ति को आगे बढ़ाने के लिए तैयार था तब विपक्ष ने राजनीति के लिए महिलाओं के अधिकारों की बलि दे दी।

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