अंबिकापुर के सौरंग किड्स एकेडमी में एक 4 साल के बच्चे को एडमिशन देने से सिर्फ इसलिए मना कर दिया गया क्योंकि वह अपनी स्थानीय सरगुजिया भाषा बोलता है। परिजनों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने यह तर्क दिया कि बच्चे की बोली से स्कूल के अन्य छात्र भी प्रभावित हो सकते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है और इसे क्षेत्रीय संस्कृति का अपमान बताया जा रहा है।
प्रशासनिक स्तर पर सरगुजा कलेक्टर अजीत बसंत ने शिक्षा विभाग को इस मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए स्कूल को बंद करने की मांग की है। वहीं प्रदेश के शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया है कि मातृभाषा और स्थानीय बोलियों का अपमान बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी को स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं और दोषी पाए जाने पर स्कूल के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।