चारामा।
जिला मूख्य जनगणना अधिकारी कलेक्टर निलेश महादेव क्षीरसागर के निर्देशन एवं जिला जनगणना अधिकारी अपर कलेक्टर जितेंद्र कुमार कुर्रे के मार्गदर्शन एवं तहसील चारामा जनगणना चार्ज अधिकारी तहसीलदार सत्येंद्र शुक्ला के सफल संचालन में जनगणना 2027 के तहत प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को भवन क्रमांकन, नजरी नक्शा निर्माण तथा जनगणना प्रपत्रों को भरने का विस्तृत एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण मास्टर ट्रेनर्स केजूराम सिन्हा,मोहनलाल जायसवाल, पेशी राम कुंजाम एवं भानु शंकर नागराज द्वारा प्रदान किया गया,
भारत की 16 साल बाद होने वाली ऐतिहासिक जनगणना अब डिजिटल अवतार में शुरू हो चुकी है। केंद्र सरकार ने इसके लिए आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in लॉन्च किया है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब नागरिकों को जनगणना के लिए घर आने वाले कर्मचारियों का इंतज़ार करने या घंटों समय देने की ज़रूरत नहीं होगी; वे स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं।पोर्टल में 16 अप्रैल से 30अप्रैल तक33 बिन्दुओ पर जानकारी भरनी होंगी। छत्तीसगढ़ में जनगणना का पहला चरण (हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस) 1 मई से शुरू होने जा रहा है, जो की 30मई तक चलेगी, वही सर्वे के दौरान सर्वे अधिकारी पोर्टल में भारी हुई जानकारी का सत्यापन करेंगे,
जिसके लिए आज दूसरे दिन का प्रशिक्षण हुआ,
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आगामी जनगणना कार्य को सटीक, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराना है,प्रशिक्षण में भवनों एवं मकानों की क्रमबद्ध नंबरिंग की प्रक्रिया को विस्तार सेपीपीटी एवं वीडियो के साथ ही साथ जनगणना कार्यालय द्वारा प्रदान की गई, पुस्तिका के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान किया गया जिससे किसी प्रकार की पुनरावृत्ति या भ्रम की स्थिति न बने। साथ ही नजरी नक्शा तैयार करने की विधि का अभ्यास कराया गया, जिसमें मकान, शासकीय भवन, धार्मिक स्थल, नल, दुकान, सड़क एवं गलियों को निर्धारित चिन्हों के माध्यम से स्पष्ट रूप से दर्शाने के निर्देश दिए गए। पंचायत भवन, स्कूल, आंगनबाड़ी, पोस्ट ऑफिस एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों के सही चिन्हांकन पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों से संवाद स्थापित करने की प्रक्रिया, सही एवं विश्वसनीय जानकारी प्राप्त करने की तकनीक तथा जनगणना प्रपत्रों को सावधानीपूर्वक भरने के तरीकों का अभ्यास कराया गया। आवासीय एवं गैर-आवासीय भवनों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी उदाहरण सहित चर्चा की गई।सत्र के अंत में प्रश्न-उत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया। इस अवसर पर कमलेश गावड़े एवं विजय कुमार राय द्वारा तीन दिवसीय प्रशिक्षण का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं उसके सफल क्रियान्वयन हेतु एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा। प्रगारकों को इस अवसर पर रोल प्ले कर विषय की गंभीरता को विस्तार से समझाया गया। सभी प्रशिक्षणार्थियों को स्व गणना प्रपत्र भरवाया गया। सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को स्व गणना प्रपत्र भरने हेतु अपने आसपास के लोगों को प्रेरित करने कहा गया,
डिजिटल जनगणना का आगाज: प्रगणकों को मिला नजरी नक्शा और भवन क्रमांकन का कड़ा प्रशिक्षण

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Apr